न्यूज़ डायरी,नोएडा।
थाना फेस-वन क्षेत्र से विश्वासघात का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां इवेंट मैनेजमेंट और डेकोरेशन का काम करने वाली एक विधवा महिला उद्यमी को उसके ही कर्मचारी गुमराह कर रहे थे। आरोपियों ने बैंक की ईएमआई का बहाना बनाकर कंपनी के कीमती सामान से भरे वाहन गायब कर दिए, लेकिन नोएडा पुलिस की सतर्कता ने उनकी साजिश नाकाम कर दी।
पीड़ित महिला ने थाना फेस-वन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी के तीन कैंटर और एक इंट्रा टाटा, जिनमें इवेंट का महंगा सामान भरा हुआ था, कुछ अज्ञात लोग ईएमआई के बहाने लेकर फरार हो गए हैं। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में असली गुनेहगार का चेहरा आया सामने
जांच के दौरान पुलिस को तथ्यों में कई विरोधाभास नजर आए। गहराई से छानबीन करने पर असली साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने पाया कि यह पूरी योजना कंपनी के पूर्व कर्मचारी महफूज खान ने रची थी। महफूज पहले कंपनी को ट्रांसपोर्ट सेवाएं देता था, जबकि दूसरा आरोपी अखिलेश कंपनी में ड्राइवर के रूप में कार्यरत था।
एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताईं पूरी घटना की सच्ची हकीकत।
एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ित महिला के पति का कुछ समय पहले ही निधन हुआ था। महिला की मजबूरी और अकेलेपन को देखकर आरोपियों के मन में लालच आ गया। दोनों ने मिलकर वाहनों और सामान को हड़पने की साजिश रची और मालकिन को गुमराह करने के लिए फर्जी लूट की कहानी गढ़ दी।
आरोपियों की योजना थी कि वाहनों और सामान को कहीं बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाए और फिर फरार हो जाया जाए, लेकिन इससे पहले ही नोएडा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी साजिश पर पानी फेर दिया।
पीड़ित महिला ने नोएडा पुलिस कमिश्नर का जताया आभार।
पीड़ित महिला ने बताया कि घटना के बाद वह खुद को बेहद मायूस और अकेला महसूस कर रही थीं, लेकिन नोएडा पुलिस ने जिस संवेदनशीलता और तत्परता से उनकी मदद की, उससे उन्हें यह एहसास हुआ कि वे अकेली नहीं हैं। उन्होंने नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह सहित पूरी पुलिस टीम का दिल से धन्यवाद किया।