पहली बार यूपी पुलिस ने AI से की शिनाख्त, ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी।

✍️ योगेश राणा

Artificial intelligent : आगरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस Blind Murder की गुत्थी सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहली बार आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का ऐतिहासिक इस्तेमाल किया है। बता दें शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को आगरा के खंदौली टोल प्लाजा के पास नाली में कंबल में लिपटा एक युवती का शव मिला था और हत्यारे ने युवती की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे और गले को बुरी तरह विकृत (क्षत-विक्षत) कर दिया था, जिससे उसकी शिनाख्त करना नामुमकिन हो गया था और पारंपरिक तरीकों के विफल होने पर,आगरा पुलिस ने AI टूल्स का उपयोग कर युवती के चेहरे को डिजिटल रूप से रिकंस्ट्रक्ट (Reconstruct) किया और AI ने घावों के निशानों को हटाकर एक स्पष्ट चेहरा तैयार किया और पुलिस ने इस AI-जनरेटेड फोटो को सोशल मीडिया और सभी थानों में प्रसारित किया। यह फोटो दिल्ली की एक फेसबुक प्रोफाइल सोनाली से मेल खा गई, जिससे मृतका की पहचान हो गई और मृतका की पहचान सोनाली के रूप में हुई, जो मूल रूप से महोबा (मध्य प्रदेश सीमा के पास) की रहने वाली थी और दिल्ली में रह रही थी और पुलिस ने मामले की आगे जांच की और इस घटना के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) की भूमिका-?

पहचान छिपाने के उद्देश्य से, युवती की शिनाख्त करना पारंपरिक तरीकों से मुश्किल हो रहा था और पारंपरिक तरीकों के विफल होने पर, आगरा पुलिस ने AI टूल्स का उपयोग कर युवती के चेहरे को डिजिटल रूप से रिकंस्ट्रक्ट (Reconstruct) किया। AI ने चेहरे की विशेषताओं को उजागर करने में मदद की और पुलिस ने इस AI-जनरेटेड फोटो को सोशल मीडिया और सभी थानों में प्रसारित किया। यह फोटो दिल्ली की एक फेसबुक प्रोफाइल सोनाली से मेल खा गई, जिससे मृतका की पहचान हो गई और यह मामला उत्तर प्रदेश में हाई-टेक पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जहाँ AI ने मात्र 24 घंटों के भीतर एक “ब्लाइंड केस” को सुलझाने में मदद की।