न्यूज़ डायरी टुडे,दिल्ली
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की हवा में सुधार और AQI (Air Quality Index) को बेहतर बनाने का सबसे स्थायी और प्रभावी समाधान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण ही है। बता दें कि चीफ जस्टिस ने कहा कि जब हम AQI सुधारने की बात करते हैं,तो नए पेड़ लगाना ही सबसे व्यवहार्य और दीर्घ कालिक समाधान है। यह टिप्पणी दिल्ली के रिज एरिया (Ridge Area) में पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आई और सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए केवल अल्पकालिक उपायों (जैसे GRAP) पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक योजनाएं बनाने की जरूरत है
डीडीए को सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश।
कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को आदेश दिया है कि वह दिल्ली के 18 अलग-अलग इलाकों में कुल 185 एकड़ जमीन पर लगभग 1.67 लाख (1,67,000) पेड़ लगाए और कोर्ट ने इस वृक्षारोपण अभियान को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया है। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि सर्दियों में नए पौधे लगाना व्यावहारिक नहीं होता, इसलिए उन्हें मार्च तक का समय दिया गया है और इन 18 साइटों पर लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी (Boundary Walls) बनाने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की गई है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि जब तक पिछले आदेशों के तहत वृक्षारोपण का काम पूरा नहीं होता, तब तक रिज एरिया में किसी भी नए पेड़ को काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कोर्ट इस मामले में पर्यावरण विशेषज्ञों की नियुक्ति पर भी विचार कर रहा है ताकि वृक्षारोपण और पारिस्थितिक बहाली (ecological restoration) सही ढंग से हो सके।