Noida Noida : एक आदेश, एक शाम और डिलीट! नोएडा प्राधिकरण में क्या चल रहा है ?

✍️ योगेश राणा

क्या जवाबदेही तय करने की कोशिश में अफसरों पर बोझ बढ़ा दिया गया?

Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण में हाल के दिनों में अधिकारियों के तबादलों और कार्यभार में बदलाव को लेकर भारी उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। बता दें कि 18 फरवरी, 2026 को वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक स्तर के अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव का एक नया आदेश जारी किया गया था। हालांकि, उसी शाम इस आदेश को प्राधिकरण के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से हटा (डिलीट) दिया गया, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भारी असमंजस पैदा हो गया और नए बदलावों के तहत करीब 90% अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ प्रबंधकों का आरोप है कि कई अधिकारियों को उनकी क्षमता से दो से तीन गुना अधिक कार्यभार सौंपा गया है और कम अनुभवी लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं और इस मुद्दे को लेकर वरिष्ठ प्रबंधकों ने शीर्ष अधिकारियों के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

विभागों का विलय:

नोएडा प्राधिकरण ने सालों से चल रहे जनस्वास्थ्य विभाग (Public Health) और ट्रैफिक सेल (Traffic Cell) को समाप्त कर दिया है। इन दोनों विभागों की जिम्मेदारियां अब संबंधित सिविल वर्क सर्कल्स को सौंप दी गई हैं और इसका मुख्य उद्देश्य जवाबदेही तय करना और विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति को रोकना है और यह बड़ी कार्रवाई सेक्टर-150 में हुए एक दुखद हादसे के बाद शुरू हुई है, जिसमें एक इंजीनियर की गड्ढे में गिरने से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से ही शासन स्तर पर नोएडा प्राधिकरण के कामकाज की समीक्षा की जा रही थी, जिसके परिणाम स्वरूप सीईओ लोकेश एम. को हटाकर कृष्णा करुणेश को नया सीईओ नियुक्त किया गया है।