पंजाब दौरे पर डॉ. परविंदर सिंह की अपील : आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति को बनाएं प्राथमिकता।

:- होशियारपुर में वर्ल्ड बुद्धिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष का सम्मान, समाज में संवाद और सद्भाव बढ़ाने पर जोर

होशियारपुर (पंजाब): शांति और सामाजिक सद्भाव के समर्थक एम्बेसडर डॉ. परविंदर सिंह ने अपने पंजाब दौरे के दौरान लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए शांति, संवाद और आपसी सम्मान को जीवन का केंद्र बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ते मतभेदों और तनाव के बीच शांति को विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता के रूप में स्वीकार करना होगा।

डॉ. परविंदर सिंह, जो वर्ल्ड बुद्धिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष हैं, को होशियारपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा किया गया, जिसमें मानवाधिकार कार्यकर्ता, समाजसेवी और कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में क्षेत्र में शांति बनाए रखने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज में हिंसा को रोकने और न्याय को मजबूत करने के लिए स्वतंत्र मीडिया और सिविल सोसाइटी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कमजोर वर्गों की आवाज़ उठाने और सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।

अपने संबोधन में डॉ. परविंदर सिंह ने कहा कि आज लिए जाने वाले फैसले ही भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अगर समाज में गुस्से और विभाजन को सामान्य बना दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियां भी उसी सोच के साथ बड़ी होंगी। वहीं यदि दया, समझ और संवाद को बढ़ावा दिया गया, तो बच्चे एक शांतिपूर्ण और सकारात्मक समाज की कल्पना के साथ आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी समझ बढ़ाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर ऐसे प्रयास करने की आवश्यकता बताई, जो समाज को जोड़ने का काम करें। साथ ही युवाओं से उन्होंने आह्वान किया कि वे सिर्फ दर्शक बनकर न रहें, बल्कि शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अंत में डॉ. परविंदर सिंह ने नेताओं, संस्थाओं और आम जनता से अपील करते हुए कहा कि शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया जाए, क्योंकि यही वह सबसे बड़ा उपहार है जो हम आने वाली पीढ़ियों को दे सकते हैं—एक ऐसा समाज जहां हर व्यक्ति सुरक्षित, सम्मानित और आशावान महसूस करे।