:- डी.पी. यादव बोले—छोटे प्रदेश से होगा तेज विकास और रोजगार सृजन
पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा पार्टी की संयोजक मंडल की एक अहम बैठक का सफल आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य से पश्चिम प्रदेश के रूप में एक नया राज्य स्थापित किए जाने की पुरजोर मांग उठाई गई। बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश का आकार अत्यधिक बड़ा होने के कारण आम जनमानस की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव नहीं हो पा रहा है, ऐसे में राज्य का पुनर्गठन समय की आवश्यकता बन गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक, पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डी.पी. यादव ने कहा कि बड़े राज्यों से छोटे राज्य बनाकर तेज गति से विकास करने के उदाहरण देश के सामने मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों का गठन इस बात का प्रमाण है कि छोटे राज्य प्रशासनिक रूप से अधिक सक्षम होते हैं और वहां विकास तथा रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ते हैं। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश को भी कई हिस्सों में विभाजित कर पश्चिम प्रदेश का गठन किया जाना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि गंगा–जमुना के बीच स्थित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 27 जनपद प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने वाले क्षेत्र हैं, इसके बावजूद यहां न्यायिक सुविधाओं, उच्च शिक्षा संस्थानों, ठोस औद्योगिक ढांचे और स्थानीय युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसरों का गंभीर अभाव है। इस कारण क्षेत्र के लाखों युवक-युवतियां निराशा और कुंठा का शिकार हैं, जिससे सामाजिक आक्रोश की स्थिति भी बन रही है।
संयोजक मंडल की बैठक में चौधरी वीरेंद्र सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संरक्षक), डी.पी. यादव (राष्ट्रीय संयोजक), संजीव बालियान (पूर्व केंद्रीय मंत्री, सदस्य संयोजक मंडल), हरिश्चंद्र भाटी (पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री), जनरल अहलावत, कर्नल सुधीर, सतपाल सिंह, डी.के. त्यागी, अजय कुमार सहित अनेक प्रखर नेताओं ने अपने विचार रखे। सभी सदस्यों का मत था कि पश्चिम प्रदेश के गठन से क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी और यह प्रदेश रोजगार, औद्योगीकरण, उच्च शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संस्थानों का केंद्र बन सकता है।
नेताओं ने कहा कि जन-जागरण अभियान के दौरान पश्चिम प्रदेश के लाखों लोगों से संवाद के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा अपने वर्तमान जीवन स्तर से संतुष्ट नहीं हैं। क्षेत्र में संतुलित विकास के अभाव के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानताएं बढ़ रही हैं, जिन्हें केवल अलग राज्य बनाकर ही दूर किया जा सकता है।
बैठक के अंत में पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों से अपील की कि वे पश्चिम क्षेत्र की समस्याओं और जनता की भावनाओं को अपनी लेखनी और प्रसारण के माध्यम से देश और केंद्र सरकार तक पहुंचाएं, ताकि पश्चिम प्रदेश के गठन की दिशा में ठोस और शीघ्र कदम उठाए जा सकें। नेताओं ने आशा जताई कि जनता की आवाज और मीडिया के सहयोग से नए प्रदेश का सपना जल्द साकार होगा।