नोएडा में दुकान की आग को ‘सांप्रदायिक दंगा’ बताने वाली ‘प्राउड इंडियन’ पर FIR, पुलिस बोली- अफवाहबाजों से रहें सावधान!

नोएडा के रायपुर गांव में दुकानों में लगी आग को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दंगे से जोड़कर पेश करने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। वायरल पोस्ट में गोलीबारी और पांच लोगों की मौत का दावा किया गया था, जिसे गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने भ्रामक और तथ्यहीन बताया। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है।
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नोएडा: नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में दुकानों में लगी आग की घटना को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दंगे से जोड़कर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर ‘इंडियन तिवारी011’ नाम की आईडी से अनुषी तिवारी (प्राउड इंडियन) नामक यूजर द्वारा साझा किए गए पोस्ट में मस्जिद, गोलीबारी और पांच लोगों की मौत जैसे दावे किए गए थे। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह असत्य और तथ्यहीन बताया है।
रायपुर गांव में दुकानों में लगी थी भीषण आग
नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रायपुर गांव में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां चाय-नाश्ते की अस्थायी दुकानों में रेनोवेशन (मरम्मत) का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट से चिंगारी उठी और भीषण आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। इस दौरान वहां रखे पांच एलपीजी सिलेंडर तेज धमाकों के साथ फट गए। इस दर्दनाक हादसे में 26 वर्षीय एक मजदूर की दम घुटने और बेहोश होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई गई।
आग की घटना को सांप्रदायिक दंगे से जोड़कर किया गया दावा
इस हादसे के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर भ्रामक दावे सामने आए। एक्स (ट्विटर) पर ‘इंडियन तिवारी011’ नाम की आईडी से अनुषी तिवारी (प्राउड इंडियन) नामक यूजर ने आग की घटना के वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि नोएडा में जामा मस्जिद को गिराए जाने को लेकर टकराव शुरू हुआ है, जो अब बड़े सांप्रदायिक दंगे में बदल चुका है।
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि आरएसएस ने मुसलमानों पर गोलीबारी की, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और चारों तरफ धमाके हो रहे हैं। इस पोस्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस और नोएडा पुलिस को भी टैग किया गया था।
नोएडा पुलिस ने दावों को बताया असत्य और तथ्यहीन
सोशल मीडिया पर पोस्ट सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच करते हुए वायरल दावों का खंडन किया।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि तोड़फोड़, गोलीबारी, पांच लोगों की मौत और सांप्रदायिक टकराव से जुड़े दावे पूरी तरह असत्य और तथ्यहीन हैं। पुलिस के अनुसार, यह मामला दुकानों में लगी आकस्मिक आग का था, जिसे सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर प्रस्तुत किया गया।
धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और अफवाह फैलाने के आरोप में FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा पुलिस ने थाना सेक्टर-126 में संबंधित सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और अफवाह फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी खबर या वीडियो पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें। भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए किसी भी संवेदनशील घटना से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।



