October 25, 2026

अंतरिक्ष बिल्डर्स के खिलाफ नोएडा में नई FIR, 1.90 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड और धमकी के आरोप।

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नोएडा में अंतरिक्ष बिल्डर्स के निदेशक हरेंद्र यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ED और आयकर विभाग की छापेमारी के बीच सेक्टर-24 थाने में उनके समेत तीन लोगों के खिलाफ 1.90 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड, जाली दस्तावेज और धमकी देने के आरोपों में FIR दर्ज हुई है। क्या है पूरा मामला और महिला ने क्या आरोप लगाए हैं? पढ़िए पूरी खबर।

✍️ Yogesh Rana | News Diary Today | Noida News

Noida News: अंतरिक्ष प्रमोटर्स और सनशाइन इन्फ्रावेल से जुड़े निदेशक हरेंद्र यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की छापेमारी के बीच नोएडा के सेक्टर-24 थाने में उनके और दो अन्य लोगों के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोपों में नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि फ्लैट से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर IDFC फर्स्ट बैंक से 1.90 करोड़ रुपये का होम लोन लिया गया। महिला ने यह भी दावा किया है कि विरोध करने पर उस पर दबाव बनाया गया और जबरन इकरारनामे पर हस्ताक्षर कराए गए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों का दोष सिद्ध होना नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

ED और IT रेड के बीच अंतरिक्ष बिल्डर्स के हरेंद्र यादव पर एक और FIR दर्ज की गई है। यह मामला नोएडा के सेक्टर 24 थाने में दर्ज किया गया है, जहाँ बिल्डर समेत तीन लोगों पर ₹1.90 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और जबरन इकरारनामा कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में रहने वाले अंतरिक्ष प्रमोटर्स और सनशाइन इन्फ्रावेल के निदेशक हरेंद्र यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की दो दिवसीय संयुक्त छापेमारी की कार्रवाई अभी चल ही रही थी कि नोएडा के सेक्टर 24 थाने में उनके खिलाफ एक और नया कानूनी शिकंजा कस गया है।सेक्टर 24 थाने में दर्ज कराई गई नई प्राथमिकी (FIR) में एक पीड़ित महिला ने हरेंद्र यादव और उनके सहयोगियों पर बेहद शातिर तरीके से धोखाधड़ी करने का दावा किया है। शिकायत के अनुसार, बिल्डर ने अगस्त 2023 में महिला को फ्लैट का कब्जा (पजेशन) सौंप दिया था। महिला का आरोप है कि कब्जा देने से ठीक पहले, मार्च 2023 में ही बिल्डर ने उस फ्लैट को कागजों पर दो अन्य व्यक्तियों के नाम प्रदर्शित कर दिया। इसके बाद, उन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर IDFC फर्स्ट बैंक से ₹1.90 करोड़ का होम लोन स्वीकृत करा लिया गया।

धमकी देकर इकरारनामा कराने का आरोप?

महिला का दावा है कि जब उसे इस गंभीर हेराफेरी की भनक लगी और उसने विरोध दर्ज कराया, तो आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसे डराया-धमकाया। आरोप है कि अंतरिक्ष बिल्डर्स के निदेशक हरेंद्र यादव और उनके साथियों ने महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन एक इकरारनामे (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर करवा लिए। पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर पर धोखाधड़ी (Cheating), जाली दस्तावेज तैयार करने (Forgery) और आपराधिक धमकी देने की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

ED और IT की रडार पर पुराना इतिहास?

जांच एजेंसियों के अनुसार, हरेंद्र यादव और उनके सिंडिकेट पर फर्जी एनआरआई (NRI) पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये के हाउसिंग लोन ऐंठने और मनी लॉन्ड्रिंग करने के गंभीर आरोप हैं। इस बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर ही शुक्रवार से दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और चंडीगढ़ के 13 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।बता दें कि हरेंद्र यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले सितंबर 2024 में नोएडा पुलिस ने उन्हें सोसाइटी निवासियों से वसूले गए बिजली और मेंटेनेंस फंड में करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा जुलाई 2026 में भी दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने फ्लैट खरीदारों से ठगी के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब ED की तफ्तीश के बीच इस नई FIR ने बिल्डर की कानूनी राह को और अधिक दुर्गम बना दिया है।

आगे जांच में किन तथ्यों पर रहेगी नजर?

सेक्टर-24 थाने में दर्ज नई FIR में जांच के दौरान संपत्ति के मूल दस्तावेजों, बैंक ऋण से संबंधित आवेदन और रिकॉर्ड, कथित इकरारनामे तथा संबंधित पक्षों के बयानों की अहम भूमिका हो सकती है। पुलिस यह जांच कर सकती है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य हैं या नहीं और किन व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है।

फिलहाल, महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज नई FIR ने अंतरिक्ष बिल्डर्स से जुड़े विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। लेकिन कथित बैंक धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी और धमकी के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।

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