✍️ योगेश राणा
डॉ. रश्मि पांडे ने बताया: मेडिकल छात्र क्यों ज्यादा तनाव में रहते हैं
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
नोएडा स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (PGICH) द्वारा आयोजित यह वर्कशॉप मेडिकल क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता को रेखांकित करती है और मेडिकल छात्रों और स्टाफ की मनोवैज्ञानिक जरूरतों को पूरा करना और सरकारी आदेशानुसार मानसिक स्वास्थ्य नीति को लागू करना है और कार्यक्रम का समापन ‘सहानुभूतिपूर्ण संचार’ के साथ हुआ,जिसका लक्ष्य फैकल्टी और प्रशासन के बीच छात्रों के लिए एक सपोर्ट सिस्टम विकसित करना था।
सीनियर चिकित्सकों ने निजी एक्सपीरियंस साझा।
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ की डॉ.रश्मि पांडे (क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट) ने बताया कि मेडिकल छात्र अन्य क्षेत्रों की तुलना में बर्नआउट और चिंता के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ पर जोर दिया और डॉ. किरण झाकर (सीनियर साइकियाट्रिस्ट) ने मानसिक संकट के ‘रेड फ्लैग’ संकेतों को पहचानने का प्रशिक्षण दिया, ताकि सहकर्मी समय रहते एक-दूसरे की मदद कर सकें।