किसान हमेशा देश के साथ, सरकार समझौते पर करे पुनर्विचार : दीपू यादव।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

आज भारतीय किसान संगठन द्वारा भारत सरकार और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में नोएडा में जोरदार प्रदर्शन किया गया। भारतीय किसान संगठन के नोएडा महानगर अध्यक्ष दीपू यादव के नेतृत्व में किसान कार्यकर्ता व्यापार समझौते की प्रतिलिपि जलाकर विरोध दर्ज कराने के लिए एकत्रित हुए थे। हालांकि, प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एहतियातन संगठन के कार्यकर्ताओं को सेक्टर-52 स्थित कार्यालय के पास ही रोक लिया।

पुलिस और भारतीय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच इस दौरान काफी देर तक नोकझोंक होती रही। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों ने संगठन के प्रतिनिधियों से बातचीत की। अंततः भारतीय किसान संगठन की ओर से एसीपी तृतीय राकेश प्रताप सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को देश और किसानों के हितों के खिलाफ बताया गया।

इस मौके पर संगठन के महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बिना किसी आयात शुल्क के बेरोकटोक प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा, क्योंकि अमेरिकी कृषि उत्पाद सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में उपलब्ध होंगे, जिससे घरेलू कृषि उत्पादन प्रभावित होगा।

दीपू यादव ने 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए गए उस बयान को भी याद दिलाया, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे किसान हितों की रक्षा के लिए व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि अब ऐसी कौन-सी मजबूरी आ गई है, जिसके चलते अमेरिका को शून्य आयात कर की सुविधा दे दी गई। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी कृषि एवं उससे जुड़े सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है और ऐसे में यह समझौता देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित होगा।
किसान संगठन के नेताओं ने कहा कि किसान हमेशा देश के साथ खड़े रहे हैं और राष्ट्रहित में त्याग करते आए हैं, लेकिन यह समझौता पूरी तरह से देशहित और किसान हितों के खिलाफ है। एक ओर जहां अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुरक्षा कर रहा है, वहीं भारत सरकार इस समझौते के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते के तहत भारत को हर वर्ष अमेरिका से लगभग 103 अरब डॉलर का भारी भरकम सामान खरीदना पड़ेगा, जो देश की आर्थिक स्थिति और किसानों दोनों के लिए नुकसानदायक है।

मुख्य रूप से उपस्थित
प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से पूरण प्रधान, शान प्रजापति, राजेश पहलवान, रहीसुद्दीन, अनिल, अशोक यादव, विष्णु, दिनेश यादव, अनमोल, ऋषि पाल, अजब चौहान सहित अन्य किसान नेता और समर्थक शामिल थे।