राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 : नोएडा की डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव का हुआ सम्मान।

:- पुनर्वास, न्यूरोलॉजी और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान

न्यूज़ डायरी टुडे,नोएडा।

पुनर्वास, न्यूरोलॉजी एवं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय और सराहनीय योगदान के लिए नोएडा सेक्टर–70 की डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार–2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें जयपुर में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें देशभर की विभिन्न प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।


गणतंत्र दिवस के अवसर पर हुआ आयोजन
यह सम्मान समारोह वाईवाईएस इंडिया (YYS India) द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र से जुड़ी अनेक गणमान्य हस्तियाँ मौजूद रहीं। समारोह का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना था।


नोएडा में कार्यरत अनुभवी पुनर्वास विशेषज्ञ
उत्तर प्रदेश की निवासी एवं वर्तमान में नोएडा में कार्यरत डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव फर्स्ट रिहैब सेंटर की डायरेक्टर एवं फाउंडर हैं। वह एक अनुभवी पुनर्वास विशेषज्ञ के रूप में जानी जाती हैं। डॉ. दीक्षा पिछले कई वर्षों से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, ऑर्थोपेडिक स्थितियों तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।


ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और गोल्डन मेडल से किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव को मंच पर ट्रॉफी, प्रमाण पत्र एवं गोल्डन मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. दीक्षा का कार्य केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला है, जो अन्य चिकित्सकों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।


सम्मान ने बढ़ाई जिम्मेदारी: डॉ. दीक्षा
इस अवसर पर डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज के लिए और अधिक समर्पण, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने आयोजकों और अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी वह मरीजों के बेहतर पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।