पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का विज़न : शहरी-औद्योगिक जिले में जल सुरक्षा को प्राथमिकता।

पर्यटन, पर्यावरण और सुरक्षा—तीनों पर फोकस: गौतमबुद्धनगर पुलिस की समग्र योजना

Noida: गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में जल सुरक्षा और जन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए जल पुलिस चौकियों की स्थापना की एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के धार्मिक स्थलों, घाटों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना है।यह कदम पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें ग्रामीण और जल क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है क्योंकि गौतमबुद्धनगर एक तेजी से बढ़ता हुआ शहरी और औद्योगिक हब है, जहाँ ओखला पक्षी अभयारण्य जैसे पारिस्थितिक पर्यटन स्थल और यमुना के किनारे धार्मिक महत्व के घाट स्थित हैं। जल पुलिस चौकियों की स्थापना से न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि यह जल सुरक्षा (Water Security) के प्रति एक समर्पित दृष्टिकोण को भी दर्शाता है,जो वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अत्यंत आवश्यक है।

सुरक्षा, बचाव और राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए जल पुलिस की भी होगी तैनाती।

इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य जल निकायों के पास आने वाले नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बचाव और राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना है और यह चौकियां विशेष रूप से उन स्थानों पर स्थापित की जाएंगी जहां भारी भीड़ जुटती है, जैसे यमुना और हिंडन नदी के प्रमुख घाट जैसे सेक्टर 126 एवं धार्मिक स्थल और जल पर्यटन स्थल जैसे सूरजपुर वेटलैंड और ओखला पक्षी अभयारण्य का कालिंदी घाट जहाँ छठ जैसे पर्वों पर लाखों लोग जुटते हैं‌ और जल पुलिस की मौजूदगी से डूबने जैसी घटनाओं में बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सकेगा और त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी होगी और सुरक्षित जल पर्यटन स्थलों से जिले में”एक्सपेरिएंशियल टूरिज्म”
(Experiential Tourism) को बढ़ावा मिलेगा,जो उत्तर प्रदेश सरकार की नई पर्यटन नीति का भी हिस्सा है।