न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
भारत के 40 प्रतिष्ठित निजी स्कूल संचालकों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में यूनाइटेड किंगडम के हाई कमिश्नर तथा यूनाइटेड किंगडम में भारत के माननीय राजदूत विक्रम दोरईस्वामी से औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान भारत और यूके के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने, शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शिक्षा से जोड़ने, डिजिटल लर्निंग और भविष्य की शिक्षा आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इस प्रतिनिधिमंडल में नोएडा निवासी शालिनी सिंह, चेयरपर्सन इंदिरापुरम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत के शिक्षा कार्यबल में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। शालिनी सिंह ने कहा कि शिक्षा महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रभावी क्षेत्र है, जहां वे न केवल रोजगार पा रही हैं, बल्कि नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा भारत में महिला सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल को भारतीय महिला क्रिकेट टीम से जुड़े ऐतिहासिक स्मृति-चिह्न देखने का अवसर भी मिला। इनमें टीम कप्तान की जर्सी और साइन किया हुआ बैट शामिल था, जो भारतीय उच्चायोग की दीवारों पर प्रदर्शित हैं। यह दृश्य भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों और सशक्तिकरण का प्रतीक बना। यह लंदन दौरा न केवल भारत–यूके शिक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित हुआ, बल्कि भारतीय शिक्षा जगत में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और वैश्विक पहचान को भी और अधिक मजबूती प्रदान करने वाला रहा।