✍️ योगेश राणा
न्यूज़ डायरी,नोएडा।
गौतम बुध नगर का सबसे चर्चित अखलाक हत्याकांड मामले में आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने के मामले में शुक्रवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज( Additional District and Sessions Judge)
की कोर्ट में सुनवाई होनी थी।अभियोजन पक्ष ने सुनवाई की नई तारीख मांगी है और कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए अगली तारीख 18 दिसंबर तय की है तथा अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में पेंडिंग केस वापस लेने के लिए अर्जी दी है। सरकार और जॉइंट डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन के आदेश के बाद असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट (क्रिमिनल) ने कोर्ट में अर्जी देकर सामाजिक सौहार्द बहाल करने के लिए केस वापस लेने का आदेश देने की इजाजत मांगी है।
सामाजिक सौहार्द सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने लिए बड़ा फैसला।
केस वापस लेने का फैसला उत्तर प्रदेश सरकार के जस्टिस सेक्शन-5 (क्रिमिनल), लखनऊ की तरफ से 26 अगस्त, 2025 को जारी सरकारी आदेश में किया गया था। जॉइंट डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन ने 12 सितंबर, 2025 को एक लेटर जारी कर डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट (क्रिमिनल) को इस बारे में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था और पत्र में कहा गया था कि राज्यपाल ने अभियोजन पक्ष से केस वापस लेने की इजाजत दे दी है। अभियोजन पक्ष ने 15 अक्टूबर को केस वापस लेने की अर्जी दी थी और सुनवाई 12 दिसंबर को तय की थी और आज यानी शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तारीख तय की कर दी है।
क्या था मामला
28 सितंबर 2015 की रात को थाना जारचा क्षेत्र के गांव बिसाहड़ा में गोमांस के सेवन की अफवाह फैलने के बाद भीड़ ने एक घर पर हमला कर दिया था। इस दौरान गांव निवासी अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। जबकि उसका बेटा दानिश गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस घटना ने पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया था और बिसाहड़ा गांव सुर्खियों में आ गया था। इस मामले में अखलाक की पत्नी इकरामन ने दस लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।