✍️ योगेश राणा
न्यूज़ डायरी, नोएडा।
नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में मिले अजय मुखिया के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि अजय मुखिया की हत्या गला दबाकर (Strangulation) की गई थी। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि हत्या के पीछे अवैध संबंधों को लेकर शक और आपसी लेन-देन का विवाद प्रमुख वजह हो सकता है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतक के साढ़ू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर जिले का निवासी अजय मुखिया 28 दिसंबर 2025 से लापता था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार देर रात 1 जनवरी 2026 को अजय का शव सेक्टर-126 के पास रायपुर गांव की झाड़ियों में सड़ी-गली अवस्था में बरामद हुआ। शव की हालत से अनुमान लगाया गया कि हत्या कई दिन पहले की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों से गहन पूछताछ की। इसी कड़ी में मृतक के एक करीबी रिश्तेदार, साढ़ू की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पूछताछ में सामने आया कि अजय और आरोपियों के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था, जो अंततः हत्या का कारण बन गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अजय मुखिया नोएडा के रायपुर गांव में एक झुग्गी में रहकर मजदूरी करता था और अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है और हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।