न्यूज़ डायरी, नोएडा।
नोएडा प्राधिकरण ने सरकारी एवं अधिसूचित भूमि पर अवैध अतिक्रमण, भ्रष्टाचार और कार्यों में लापरवाही के मामलों को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. लोकेश के निर्देश पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रबंधक एवं सहायक प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
प्राधिकरण को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन अधिकारियों द्वारा न तो प्रभावी कार्रवाई की जा रही थी और न ही उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारियों ने अपने पदीय दायित्वों की गंभीर उपेक्षा की।
किस अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई
प्राधिकरण के वर्क सर्किल-06 के अंतर्गत तैनात अब्दुल शाहिद (प्रबंधक) पर क्षेत्र में प्रभावी पर्यवेक्षण न करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप सिद्ध पाए गए। इसके चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थगित कर दी गई है।
वहीं विनीत कुमार शर्मा (सहायक प्रबंधक) की प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण होने के बाद प्राधिकरण ने उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राधिकरण सेवा से अवमुक्त (रिलीव) करने का निर्णय लिया है।
CEO लोकेशन बोले जीरो टॉलरेंस के आधार पर होगी कार्रवाई
सीईओ डॉ. लोकेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में जो भी अधिकारी या कर्मचारी अतिक्रमण रोकने में विफल रहेगा या जनता की शिकायतों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ भी इसी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों की लगातार समीक्षा की जाएगी और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई जारी रहेगी। इससे साफ है कि प्राधिकरण अब किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।