यूपी के 25 नेताओं के खिलाफ 28 छोटे आपराधिक मामलों में केस वापसी का फैसला।

✍️ योगेश राणा।

न्यूज़ डायरी टुडे,नोएडा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज 28 छोटे आपराधिक मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी है। यह आदेश 31 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति एस डी सिंह और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने जारी किया। बता दें कि यह मुकदमे मुख्य रूप से कोविड-19 लॉकडाउन उल्लंघन, चुनाव आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन,और सरकारी आदेशों की अवज्ञा (जैसे धारा 144 का उल्लंघन) से संबंधित हैं और कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोक अभियोजक अब इन 28 मामलों में संबंधित ट्रायल कोर्ट में केस वापसी की अर्जी दाखिल करेंगे, जिसे ट्रायल कोर्ट मेरिट के आधार पर तय करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश:

यह कार्रवाई Ashwini Kumar Upadhyay मामले में सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के तहत हुई है, जिसमें कहा गया था कि सांसद/विधायकों के खिलाफ केस वापस लेने के लिए हाईकोर्ट की अनुमति अनिवार्य है‌ और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गंभीर अपराध वाले अन्य मामलों पर विचार करने के लिए कोर्ट ने 26 फरवरी 2026 की तिथि तय की है।

इन प्रमुख नेताओं के मुकदमे होंगे वापस:

1-उमा भारती (महोबा) [Source query mentions]
2-डॉ. संजीव बालियान (मुजफ्फरनगर)
3-ठाकुर जयवीर सिंह और सुरेश राणा (अलीगढ़)
4-नीलम सोनकर (आजमगढ़)
5-अनिल सिंह (उन्नाव)
6-अशरफ अली खान (शामली)
7-अभिजीत सिंह सांगा (कानपुर)
8-सीमा द्विवेदी (जौनपुर)
9-विजेंद्र सिंह और मीनाक्षी सिंह (बुलंदशहर)
10-विवेकानंद पांडे (कुशीनगर)
11-जय मंगल कनौजिया (महाराजगंज)
राजपाल बालियान (मुजफ्फरनगर)
प्रदीप चौधरी (हाथरस)