Uttar Pradesh डर नहीं, भरोसा : योगी सरकार में बदली यूपी की पहचान।

गर्व से कहो हम यूपी वाले हैं : बदली सोच, बदला शासन

न्यूज़ डायरी टुडे | स्पेशल रिपोर्ट

गर्व एक शब्द नहीं होता, यह महसूस किया जाता है, और जब कोई पूछता है कि तुम कहाँ से हो, और सीना अपने आप चौड़ा हो जाए, आवाज में अपने आप ताकत आ जाए, तो समझ लेना वही गर्व है। उत्तर प्रदेश, एक समय यह नाम सुनते ही लोग तरह-तरह की बातें करने लगते थे, कोई कानून की बात करता था, कोई अपराध की, कोई अव्यवस्था की, जैसे इस धरती की पहचान किसी और ने तय कर दी हो। लेकिन वक्त ने करवट ली है, और आज वही उत्तर प्रदेश अपनी पहचान खुद लिख रहा है, अपने फैसले खुद ले रहा है, और पूरी दुनिया को देखकर कह रहा है के गर्व से कहो हम यूपी वाले हैं।

यह बदलाव अचानक नहीं हुआ। यह किसी एक दिन की घोषणा या किसी एक भाषण का असर नहीं था। यह उस दौर का अंत था, जब अपराधियों के नाम से इलाके पहचाने जाते थे, जब माफिया खुलेआम घूमते थे, जब आम आदमी डर के साथ जीने को मजबूर था। उस समय उत्तर प्रदेश को किसी नारे की नहीं, एक सख्त निर्णय की जरूरत थी, और वही निर्णय तब लिया गया जब योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सत्ता को सुविधा नहीं, साधना समझा, और शासन को समझौते नहीं, संकल्प से जोड़ा।

जब कहा गया कि अपराधी या तो सुधरेंगे या प्रदेश छोड़ेंगे, तो बहुतों को यह सिर्फ शब्द लगे, लेकिन जमीन पर इसका असर दिखने लगा। माफिया जिन गलियों में कभी शान से चलते थे, वही गलियाँ कानून की दस्तक सुनने लगीं। अवैध कब्जों पर बुलडोजर नहीं, संदेश चला, कि अब यह प्रदेश डर से नहीं, नियम से चलेगा। अपराधियों की संपत्तियाँ जब्त हुईं, अवैध साम्राज्य टूटे, और पहली बार आम आदमी ने महसूस किया कि कानून सिर्फ किताबों में नहीं, जिंदगी में भी होता है।

जहाँ डर था, अब भरोसा है

उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा परिवर्तन कानून-व्यवस्था में दिखाई दिया। जो बाजार कभी सूर्य ढलते ही बंद हो जाते थे, वे अब देर रात तक खुलने लगे। जो व्यापारी फिरौती से डरते थे, वे आज भरोसे के साथ कारोबार कर रहे हैं। जो माता-पिता अपनी बेटियों को अकेले बाहर भेजने से हिचकते थे, उनके मन में अब पहले से ज्यादा विश्वास है। पुलिस अब मजबूरी नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक बनी है, और प्रशासन अब मूकदर्शक नहीं, सक्रिय भागीदार।

लेकिन यह सरकार सिर्फ सख्ती की कहानी नहीं है। यह संवेदनशीलता की भी कहानी है। गरीब, किसान, मजदूर, महिला, हर वर्ग तक सरकार को पहुँचाना आसान नहीं होता, लेकिन जब नीयत साफ हो, तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं। उज्ज्वला योजना ने सिर्फ गैस सिलेंडर नहीं दिए, उसने रसोई में सम्मान लौटाया। आवास योजनाओं ने सिर्फ छत नहीं दी, उसने परिवारों को सुरक्षा का एहसास दिया। जिन योजनाओं को कभी कागजों में दफन कर दिया जाता था, वे अब सीधे लोगों की जिंदगी में उतर रही हैं।

संभावनाओं वाले प्रदेश से विकास के इंजन तक

उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक संभावनाओं वाला राज्य कहा गया, लेकिन योगी सरकार ने उन संभावनाओं को हकीकत में बदला। एक्सप्रेसवे सिर्फ कंक्रीट की सड़कें नहीं हैं, वे विकास की धड़कन हैं। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, यमुना एक्सप्रेसवे, इन रास्तों पर सिर्फ गाड़ियाँ नहीं दौड़ रहीं, यहाँ रोजगार, निवेश और भविष्य दौड़ रहा है। जहाँ सड़क पहुँची, वहाँ उद्योग आया, और जहाँ उद्योग आया, वहाँ युवाओं के लिए उम्मीद पैदा हुई।

युवा वही होता है जो बदलाव को सबसे पहले महसूस करता है। कभी उत्तर प्रदेश का युवा मजबूरी में बाहर जाता था, आज वह अवसर देखकर यहीं रुकने लगा है। पारदर्शी भर्तियाँ, मेरिट पर चयन, रोजगार मेले, इन सबने यह भरोसा दिया कि मेहनत बेकार नहीं जाएगी। जहाँ कभी सिफारिश सबसे बड़ा हथियार थी, वहाँ अब योग्यता की पहचान बन रही है, और यही किसी भी समाज का सबसे स्वस्थ संकेत होता है।

संस्कृति के साथ आगे बढ़ता उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सिर्फ विकास और कानून की कहानी नहीं है, यह संस्कृति और सभ्यता की भी कहानी है। यह वही धरती है जहाँ राम ने मर्यादा सिखाई, जहाँ कृष्ण ने कर्म का अर्थ समझाया, जहाँ काशी ने मोक्ष का मार्ग दिखाया। योगी सरकार ने यह समझा कि विकास का मतलब अपनी जड़ों को काटना नहीं, बल्कि उन्हें और मजबूत करना है। अयोध्या और काशी में जो हुआ, उसने दुनिया को दिखा दिया कि आस्था और आधुनिकता एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकती हैं।

आज उत्तर प्रदेश में त्योहार भी पूरे सम्मान के साथ मनाए जाते हैं और प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी से अपना काम करता है। किसी को विशेष छूट नहीं, किसी को विशेष डर नहीं, बस कानून। यही समानता, यही संतुलन, यही मजबूत शासन की पहचान होती है। प्रदेश में आज माहौल बदला है, सोच बदली है, और सबसे बड़ी बात, आत्मविश्वास लौटा है।

आंकड़ों से नहीं, एहसास से नापा जा रहा बदलाव!


आज उत्तर प्रदेश का नागरिक सिर्फ शिकायत नहीं करता, वह उम्मीद करता है, और सरकार उस उम्मीद को बोझ नहीं, जिम्मेदारी मानती है। यह बदलाव आंकड़ों से नहीं नापा जा सकता, इसे महसूस किया जाता है, गलियों में, बाजारों में, खेतों में, और घरों में। यह उस मां की आंखों में दिखता है जो अपने बच्चे के भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा निश्चिंत है, यह उस युवा के चेहरे पर दिखता है जिसे अब अपने प्रदेश से पलायन नहीं करना पड़ता।

इसलिए जब आज कोई पूछता है, कहाँ से हो, तो जवाब में झिझक नहीं होती, जवाब में गर्व होता है। गर्व उस मिट्टी पर जो मेहनत करना जानती है, गर्व उस नेतृत्व पर जो निर्णय लेना जानता है, और गर्व उस भविष्य पर जो अब अंधेरे में नहीं, रोशनी में दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश आज सिर्फ एक राज्य नहीं है, यह एक उदाहरण बन रहा है। और इसलिए, पूरे आत्मविश्वास के साथ, पूरे सम्मान के साथ कहा जा सकता है, गर्व से कहो हम यूपी वाले हैं। क्योंकि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, यह तो बस उस अध्याय की शुरुआत है, जिसमें उत्तर प्रदेश खुद अपना भविष्य लिख रहा है।