✍️ योगेश राणा
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा
जनपद न्यायालय गौतम बुद्ध नगर ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में लोटस ग्रीन (Lotus Green) के बिल्डर निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) को आज, 19 फरवरी 2026 को स्वीकार कर लिया है। बता दें कि 17 जनवरी 2026 को नोएडा के सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट पर जलभराव वाले गड्ढे में कार गिरने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस लापरवाही के लिए निर्मल सिंह और अन्य बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद निम्नलिखित आधारों पर जमानत दी,अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से आरोपी की घटना में प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका (conscious role) स्थापित नहीं होती है और यह तथ्य सामने आया कि नोएडा प्राधिकरण ने जनवरी 2021 से संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य पर वैधानिक रोक लगा रखी थी, जो केवल जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटी थी। इस अवधि के दौरान जल निकासी जैसे कार्यों पर बिल्डर का नियंत्रण सीमित था और अदालत ने माना कि सभी संबंधित दस्तावेज पहले से ही प्राधिकरण या जांच एजेंसी के पास हैं, इसलिए पूछताछ के लिए हिरासत की जरूरत नहीं है।
जमानत की शर्तें:
निर्मल सिंह न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे और उन्हें जांच में पूरी तरह सहयोग करना होगा और इससे पहले, निर्मल सिंह फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया था। पुलिस ने उनकी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी, जिसे अब जमानत मिलने के बाद राहत मिलेगी।