मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव, एपीडा की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव।

तनाव प्रबंधन, हार्मोनल संतुलन और कार्य-जीवन संतुलन पर हुई विस्तृत चर्चा, कर्मचारियों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

नोएडा। व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से एपीडा (APEDA) के राजभाषा अनुभाग द्वारा बुधवार को महात्मा गांधी सम्मेलन कक्ष में एक विशेष हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव” रहा, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंधों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यशाला में सेक्टर-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन से आमंत्रित विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव और डॉ. सुष्मिता भाटी ने अपने अनुभव और शोध आधारित जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ता तनाव न केवल मानसिक संतुलन को प्रभावित करता है, बल्कि इसका सीधा असर शरीर के हार्मोनल संतुलन, हृदय स्वास्थ्य, नींद और प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कई गंभीर शारीरिक बीमारियों का कारण बन सकता है।
कार्यशाला के दौरान मानसिक स्वास्थ्य और विभिन्न शारीरिक व्याधियों के बीच अंतर्संबंधों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें बताया गया कि कैसे चिंता, अवसाद और तनाव जैसी स्थितियां उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य रोगों को बढ़ावा दे सकती हैं। साथ ही, प्रतिभागियों को तनाव कम करने के व्यावहारिक उपाय जैसे नियमित व्यायाम, ध्यान (मेडिटेशन), संतुलित आहार और समय प्रबंधन के टिप्स भी दिए गए।

विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य, उनके सामने आने वाली चुनौतियों और कार्य-जीवन संतुलन को बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं को अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श लेने की सलाह दी।

इस अवसर पर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही, एपीडा के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों से जुड़े कर्मचारी भी वर्चुअल माध्यम से इस सत्र में शामिल हुए। कार्यशाला के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने खुलकर अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया