ग्रेटर नोएडा में 5 मौतों का रहस्य गहराया : मैगी-चाय नहीं, संपत्ति विवाद और प्रताड़ना के आरोपों से आया नया मोड़।

ग्रेटर नोएडा के नगला श्रीपदम गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका के बीच मृतक महेश के मोबाइल में मिले कथित वॉइस नोट से संपत्ति विवाद और पारिवारिक प्रताड़ना के आरोप सामने आए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
News Diary Today | Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा न्यूज़ | ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्रीपदम गांव में शनिवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में जिसे नूडल्स (मैगी) या चाय खाने से फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था, वह असल में पारिवारिक प्रताड़ना और संपत्ति विवाद का गहरा मामला निकला है। मृतक महेश ने अपनी मौत से ठीक पहले अपने मोबाइल फोन में एक वॉइस नोट रिकॉर्ड किया था, जिसने इस पूरे मामले का रुख बदल दिया है। बता दें कि पुलिस जांच के दौरान मृतक महेश का मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें एक भावुक और दर्दभरा ऑडियो रिकॉर्डिंग (वॉइस नोट) मिला। इस रिकॉर्डिंग में महेश ने साफ तौर पर अपनी दो बहनों और एक बहनोई को अपने और अपने परिवार की इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उसने अपनी बहनों और बहनोई द्वारा लगातार किए जा रहे मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का दर्द बयां किया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई!
मृतक महेश के साले की शिकायत और मोबाइल से मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने महेश की बड़ी बहन, छोटी बहन और बहनोई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और गंभीर प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज (FIR) कर लिया है।पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।शुरुआती पुलिस तफ्तीश में इस खौफनाक कदम के पीछे गंभीर संपत्ति विवाद (Property Dispute) की बात सामने आई है।
विसरा रिपोर्ट से साफ होगी मौत की असली वजह?
इस दर्दनाक घटना में 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन मासूम बच्चों (11 वर्षीय लड्डू, 7 वर्षीय मिष्टी और 3 वर्षीय साक्षात) की जान चली गई थी। पुलिस ने सभी शवों का पोस्टमार्टम करा लिया है, लेकिन मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। विसरा रिपोर्ट की फॉरेंसिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि पूरे परिवार को जहर दिया गया था या उन्होंने प्रताड़ना से तंग आकर खुद कोई आत्मघाती कदम उठाया।स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है और मामले की तह तक जाने के लिए कड़ाई से जांच जारी है।

