नोएडा सेक्टर-62 में निर्माणाधीन इमारत की शटरिंग गिरी, 14-15 गाड़ियां क्षतिग्रस्त, गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं

नोएडा के सेक्टर-62 में तेज आंधी के बीच बड़ा हादसा हो गया। आईथम हाइट्स के पास निर्माणाधीन इमारत की शटरिंग गिरने से पार्किंग में खड़ी 14 से 15 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में गुरुवार, 15 अक्टूबर को सेक्टर-62 स्थित आईथम हाइट्स के पास एक निर्माणाधीन इमारत की शटरिंग और स्कैफोल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया। निर्माण स्थल से गिरे ढांचे की चपेट में आने से पास में स्थित ग्राफिक सिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पार्किंग में खड़ी करीब 14 से 15 चार पहिया गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय किसी भी गाड़ी में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी की जान नहीं गई और न ही किसी के घायल होने की सूचना है।
तेज आंधी के दौरान गिरा निर्माणाधीन इमारत का ढांचा
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-62 में आईथम हाइट्स के पास एक इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है। गुरुवार को तेज आंधी के दौरान निर्माणाधीन इमारत में लगी शटरिंग और स्कैफोल्डिंग का ढांचा अचानक नीचे गिर गया। ढांचा पास ही स्थित ग्राफिक सिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पार्किंग में जा गिरा, जहां कई चार पहिया वाहन खड़े थे।
अचानक हुए इस हादसे में पार्किंग में खड़ी गाड़ियां ढांचे की चपेट में आ गईं। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
पार्किंग में खड़ी 14 से 15 गाड़ियों को नुकसान
इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान पार्किंग में खड़े वाहनों को हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 14 से 15 चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। वाहनों को हुए नुकसान के कारण उनके मालिकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
निर्माणाधीन इमारत से भारी ढांचे का इस तरह गिरना निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, शटरिंग गिरने के पीछे तेज आंधी को कारण बताया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और ढांचा किस वजह से गिरा, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गनीमत रही, नहीं गई किसी की जान
हादसा बड़ा हो सकता था, लेकिन संयोग से उस समय क्षतिग्रस्त वाहनों में कोई मौजूद नहीं था। अगर गाड़ियों में लोग बैठे होते या आसपास कर्मचारी काम कर रहे होते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, कई वाहनों को नुकसान पहुंचने के कारण प्रभावित लोगों के सामने अब नुकसान की भरपाई का सवाल खड़ा हो गया है।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित वाहन मालिकों ने इस मामले में सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी है और एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।
अब इस घटना में नुकसान की जिम्मेदारी किसकी बनती है, निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की ओर से सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और प्रभावित वाहन मालिकों को नुकसान की भरपाई कैसे मिलेगी, ये अहम सवाल हैं।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में लगातार निर्माण कार्य चल रहे हैं। ऐसे में निर्माणाधीन इमारतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है। शटरिंग, स्कैफोल्डिंग और दूसरे भारी ढांचों को इस तरह लगाया जाना चाहिए कि तेज हवा या खराब मौसम में उनके गिरने से आसपास मौजूद लोगों, वाहनों और संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
सेक्टर-62 की यह घटना बताती है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की जांच और निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है। खासकर उन जगहों पर, जहां निर्माण स्थल के आसपास कंपनियों के कार्यालय, पार्किंग और लोगों की आवाजाही रहती है।
फिलहाल, इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन 14 से 15 वाहनों के क्षतिग्रस्त होने से आर्थिक नुकसान हुआ है।


