✍️ योगेश राणा
मुख्यमंत्री बोले— महाकौथिक जैसे आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों को उनकी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम
न्यूज़ डायरी,नोएडा।
उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने वाले 15वें उत्तराखंड महाकौथिक मेले में शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। नोएडा क्रिकेट स्टेडियम पहुंचने पर मुख्यमंत्री का पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था और प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
महाकौथिक मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहकर भी उत्तराखंडी समाज द्वारा अपनी सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पहचान को संजोए रखना अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी समाज राज्य की संस्कृति के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं, जो राज्य से दूर रहते हुए भी अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा उत्तराखंड महाकौथिक लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक विरासत और पहाड़ी उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का एक सशक्त मंच बन चुका है। ऐसे आयोजन न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए उत्तराखंडी भाई-बहनों को एक सूत्र में पिरोने का भी कार्य करते हैं।
महाकौथिक जैसे आयोजन प्रवासियों को जड़ों से जोड़ते हैं: सीएम धामी

महाकौथिक मेले में पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, कारीगरी, जैविक उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़ और छोपाटी जैसे लोकगीतों तथा छोलिया, पांडव और झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्यों की जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को उत्तराखंड की लोकसंस्कृति से रूबरू कराया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि महाकौथिक की अवधि को पांच दिनों से बढ़ाकर सात दिन किया जाना इसकी सफलता और जन-आकर्षण को दर्शाता है। उन्होंने पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का कार्य सराहनीय है।
वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रहा है उत्तराखंड महाकौथिक: सीएम
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ओर देश की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे और वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रहा है।