दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर CISF की बड़ी कार्रवाई: संदिग्ध बैग के साथ भाग रहे यात्री को चंद सेकंडों में दबोचा, छिपाया था 155 ग्राम रहस्यमय पदार्थ

दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर CISF की सतर्कता ने एक बड़ी घटना को टाल दिया। सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध बैग लेकर भाग रहे यात्री को जवानों ने चंद सेकंडों में दबोच लिया। बैग के सिले हुए हिस्से से करीब 155 ग्राम गोल्ड पाउडर/पेस्ट जैसा पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी मोहम्मद शुऐब को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर।
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नई दिल्ली न्यूज़ | राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम मेट्रो स्टेशनों में से एक जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री संदिग्ध बैग लेकर भागने की कोशिश करने लगा। सीआईएसएफ (CISF) के जवानों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से आरोपी को कुछ ही सेकंडों में धर दबोचा गया। इस घटना का CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
घटना रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की है। जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान जब एक यात्री का बैग X-रे मशीन (XBIS) से गुजारा गया, तो जवानों को उसमें एक घना और संदिग्ध वस्तु दिखी। जैसे ही जवानों ने यात्री को रोकने का प्रयास किया, वह घबराकर भागने लगा।
आरोपी ने महिलाओं के फ्रिस्किंग एरिया और मेटल डिटेक्टर से होकर एस्केलेटर की तरफ भागने की कोशिश की। लेकिन CISF जवान ने मेटल डिटेक्टर छोड़कर सीढ़ियों से उसका पीछा किया और गेट नंबर 1 एग्जिट पर कुछ ही सेकंड में (लगभग 8 सेकंड) उसे पकड़ लिया। इस दौरान एक अन्य जवान भी मौके पर पहुंच गया।
बैग में क्या मिला?
तलाशी के दौरान बैग के अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात सेमी-सॉलिड पदार्थ (अर्ध-ठोस) मिला, जिसका वजन लगभग 155 ग्राम था। जांच में इसे गोल्ड पाउडर या गोल्ड पेस्ट जैसा बताया गया है। हालांकि, नार्कोटिक्स टेस्ट नेगेटिव आया है। कस्टम्स विभाग ने इस मामले को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताया है।
आरोपी कौन है?
पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद शुऐब के रूप में हुई है, जो मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के खालापार का निवासी है। आरोपी खुद को कुआलालंपुर (मलेशिया) का NRI बता रहा है और टेक्सटाइल सेक्टर में काम करने का दावा कर रहा है। उसने बताया कि उसकी पत्नी और दो बच्चे मलेशियाई नागरिक हैं।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी 16 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचा था और जामा मस्जिद क्षेत्र के एक होटल (जिसका नाम ‘वाजिर’ बताया गया है) में रुका था। वह लाजपत नगर जा रहा था। जब जवानों ने उससे पदार्थ के स्वामित्व का कोई दस्तावेज मांगा, तो वह कोई सबूत पेश नहीं कर सका।
आगे की कार्रवाई
CISF ने आरोपी यात्री और बरामद सामान को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया है। मामला सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पदार्थ की पूरी जांच अभी जारी है।
CISF का आधिकारिक बयान
CISF मुख्यालय ने 19 अक्टूबर 2026 को X पर CCTV फुटेज के साथ पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने जवानों की अलर्टनेस और त्वरित कार्रवाई का जिक्र किया।



