Noida News : जॉब ऑफर के नाम पर लाखों की ठगी, नोएडा पुलिस ने गिरोह किया बेनकाब।

न्यूज़ डायरी, नोएडा।

नोएडा थाना फेस-1 और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग बेरोजगार युवाओं को फर्जी ऑफर लेटर भेजकर उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा था।

जांच के दौरान गैंग के मास्टरमाइंड की पहचान विशाल पुत्र उमेश कुमार, निवासी दिल्ली, उम्र 23 वर्ष, के रूप में हुई। आरोपी खुद को प्लेसमेंट कंपनी का मालिक बताता था, जबकि उसकी योग्यता सिर्फ बी.ए. पास पाई गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कार्यालय से एक लैपटॉप, 30 मोबाइल फोन, तीन चेकबुक, 29 सिम कार्ड, 19 डेबिट कार्ड सहित बड़ी मात्रा में दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं।

NCPR शिकायत के बाद खुला रैकेट, डीसीपी ने बनाई स्पेशल टीम

डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि नोएडा पुलिस को राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत पोर्टल (NCPR) पर फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी चलाए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर एडीसीपी श्वैया गोयल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने जांच के बाद नोएडा सेक्टर-2 स्थित एक कार्यालय में छापेमारी की जहां ठगी का पूरा रैकेट संचालित हो रहा था।

महिलाओं के जरिए बेरोजगार युवाओं से गैंग करता था ठगी

कंपनी मे कई महिलाएं भी काम करती मिलीं जिन्हें पुलिस ने BNNS धारा 14-A के तहत नोटिस देकर छोड़ा। पूछताछ में सामने आया कि गैंग नौकरी पोर्टल से बेरोजगार युवाओं की जानकारी जुटाता था और फिर महिलाएं उन्हें मोबाइल के जरिए नौकरी का लालच देती थीं।

इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर 5 हजार से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। रकम मिलते ही युवकों के ईमेल पर फर्जी ऑफर लेटर भेज दिया जाता था।

कई महीने बाद की तारीख डालकर भेजते थे ऑफर लेटर, फिर गायब हो जाते थे

ऑफर लेटर पर जानबूझकर कई महीने आगे की joining date लिखी जाती थी। इस बीच ठग उसी लोकेशन पर कुछ समय तक ऑफिस चलाते थे और फिर ऑफर लेटर की तारीख से पहले कार्यालय बंद कर फरार हो जाते थे।

पुलिस के अनुसार, गैंग ने अब तक किसी भी व्यक्ति को वास्तविक नौकरी नहीं दिलाई। जांच में अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

कहीं भी जॉब/नौकरी के नाम पर कॉल या ईमेल आए और पैसे मांगे जाएं तो तुरंत सावधान रहें।

किसी भी कंपनी की जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापित करें।

किसी अज्ञात व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी, आधार, पैन या डेबिट कार्ड की जानकारी न दें।

साइबर क्राइम की किसी भी घटना पर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या
www.cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।