न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida: नोएडा प्राधिकरण की तमाम कवायदों और दावों के बावजूद एक और छात्र की जान चली गई। दिल्ली से सटे नोएडा में नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही एक बार फिर मासूम जान पर भारी पड़ी है। अभी कुछ समय पहले नाले के खुले गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज की हुई दर्दनाक मौत की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि सेक्टर-94 में वैसी ही घटना की पुनरावृत्ति हो गई। प्राधिकरण के सुरक्षा दावों और नए CEO के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए आज एक और छात्र ने अपनी जान गंवा दी। बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-94 स्थित एक खाली प्लॉट में बारिश और जल निकासी न होने के कारण भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था। पास ही की एक नामचीन यूनिवर्सिटी के चार छात्र इस पानी में नहाने के लिए उतर गए। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण चारों छात्र डूबने लगे। गनीमत रही कि पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और तीन छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक छात्र की डूबने से मौत हो गई है और इंजीनियर युवराज की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण में भारी फेरबदल हुआ था। नए CEO ने शहर के सभी असुरक्षित स्थानों और ‘डेथ पॉइंट्स’ को चिह्नित कर उन्हें कवर करने के सख्त निर्देश दिए थे।कागजों पर विभागों के काम बदले गए,अधिकारियों को इधर-उधर किया गया और खूब एक्शन का दिखावा हुआ। लेकिन सेक्टर-94 की इस घटना ने साबित कर दिया है कि धरातल पर कुछ नहीं बदला।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा: नशे में थे छात्र?
दूसरी ओर, घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ प्रत्यक्षदर्शी दावा कर रहे हैं कि चारों छात्र शराब के नशे में थे और उसी हालत में पानी में उतरे थे। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, जिससे यह तय होगा कि छात्रों ने शराब का सेवन किया था या नहीं। फिलहाल, प्रशासन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रहा है।
प्राधिकरण की लापरवाही पर सवाल!
सवाल यह उठता है कि रिहायशी और कमर्शियल सेक्टरों के बीच खाली पड़े प्लॉटों में इतना पानी कैसे भरा रहने दिया गया? क्या प्राधिकरण सिर्फ किसी की जान जाने का इंतजार करता है? युवराज की घटना के बाद जो ‘डेथ पॉइंट्स’ चिह्नित किए जाने थे, क्या उनमें यह इलाका शामिल नहीं था? और फिलहाल, इस घटना के बाद मृतक छात्र के परिवार में कोहराम मचा है और एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली जनता के निशाने पर है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन सवाल वही बरकरार है—इस मौत का जिम्मेदार कौन?