अब बिना रुके कटेगा टोल, तेज रफ्तार पर सीधे चालान।

✍️ योगेश राणा

:- 2026 से सैटेलाइट आधारित टोल सिस्टम लागू, 80 किमी/घंटा की रफ्तार से निकलेंगी गाड़ियां

:- AI और हाई-स्पीड कैमरों से होगी निगरानी

न्यूज़ डायरी, नई दिल्ली।

हाईवे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के लिए अब राहत कम और सख्ती ज्यादा होने वाली है। केंद्र सरकार देशभर में सैटेलाइट आधारित टोल वसूली प्रणाली लागू करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि 2026 से टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल पार कर सकेंगे।

इस नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर हाई-स्पीड कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहन की नंबर प्लेट और FASTag की तस्वीर लेंगे। इसके बाद टोल की रकम सीधे वाहन से जुड़े बैंक खाते से अपने आप कट जाएगी। न कैश की जरूरत होगी, न लंबी कतारें लगेंगी और न ही समय की बर्बादी होगी।

तेज रफ्तार पर ऐसे कटेगा चालान
नई टोल प्रणाली में सिर्फ टोल ही नहीं, बल्कि वाहन की गति पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। यदि कोई गाड़ी दो टोल प्लाजा के बीच तय समय से पहले पहुंचती है, तो सिस्टम इसे ओवरस्पीडिंग मानेगा। ऐसे मामलों में अपने आप ई-चालान कट जाएगा। यह पूरी व्यवस्था सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए संचालित होगी।

ईंधन बचेगा, सरकारी खजाने में बढ़ोतरी
सरकार के मुताबिक, टोल प्लाजा पर वाहनों को न रोकने से करीब 1500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। वहीं, सरकार के ‘रेनी डे फंड’ (आपात कोष) में लगभग 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। साथ ही, टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की जरूरत कम होने से संचालन लागत भी घटेगी।

सड़कों की गुणवत्ता पर सख्त रुख
नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार केवल राष्ट्रीय राजमार्गों की जिम्मेदारी निभाती है, न कि राज्य, शहर या ग्रामीण सड़कों की। उन्होंने बताया कि मिलने वाली 70 फीसदी शिकायतें गैर-राष्ट्रीय सड़कों से जुड़ी होती हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर घटिया निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को अब दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

टोल सिस्टम में इस्तेमाल होगी ये तकनीक

  • पूरी तरह ऑटोमैटिक टोल वसूली प्रणाली
  • ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR)
  • FASTag आधारित RFID तकनीक
  • AI एनालिटिक्स और सैटेलाइट डेटा