✍️योगेश राणा
:- पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री, देशभर में ठंड, कोहरा और बारिश का डबल अटैक
न्यूज़ डायरी,नई दिल्ली।
देशभर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है और इसके चलते आने वाले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 18 से 22 दिसंबर के बीच दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों तक मौसम का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इस दौरान कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, घना कोहरा, शीतलहर और पहाड़ों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड में और इजाफा होने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बदलते मौसम का असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ सकता है। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम होने से लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ देश में प्रवेश करने जा रहे हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 18 दिसंबर के आसपास सक्रिय होगा, जबकि दूसरा 20 दिसंबर के करीब प्रभाव दिखाएगा। इन दोनों सिस्टमों के असर से उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और तेज हो सकती है, वहीं मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। कुछ क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे जाने की आशंका है।
उत्तर भारत में कोहरा और शीतलहर का असर
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार और राजस्थान के कई हिस्सों में घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है। कई ट्रेनों के देरी से चलने की खबरें सामने आई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर कार्यक्रम और आयोजनों को रद्द या स्थगित करना पड़ा है।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। खासतौर पर सुबह और देर रात के समय वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ प्रदूषण बढ़ा रहा परेशानी
दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड, कोहरा और प्रदूषण ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी। वहीं हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है और कुछ इलाकों में यह गंभीर स्तर तक पहुंचने की आशंका है।
सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो रही है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उड़ानों और ट्रेन सेवाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।