न्यूज़ डायरी टुडे, चंडीगढ़।
वैश्विक स्तर पर शांति स्थापना और मानवाधिकारों की रक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विश्व बौद्ध महासंघ के अध्यक्ष एवं विश्व शांति बचाव मिशन (संयुक्त राष्ट्र, USA) के प्रतिनिधि डॉ. परविंदर इंदर सिंह और पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जितेंद्र सिंह शुंटी के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने विश्वभर में बढ़ते संघर्ष, सामाजिक ध्रुवीकरण और भेदभाव जैसी चुनौतियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि करुणा, न्याय और सभी समुदायों के प्रति सम्मान के आधार पर ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है। साथ ही, अहिंसक और सहयोगात्मक प्रयासों को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया।
डॉ. परविंदर इंदर सिंह ने कहा कि धार्मिक और अंतर-धार्मिक संगठन यदि संवैधानिक मानवाधिकार संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करें, तो वे हिंसा की रोकथाम, हेट स्पीच के खिलाफ कार्रवाई और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के बीच बेहतर समन्वय, संयुक्त पहल और नियमित संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं, पद्मश्री जितेंद्र सिंह शुंटी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मानवाधिकारों के सिद्धांतों को जमीनी स्तर पर लागू करना बेहद आवश्यक है, खासकर महिलाओं, बच्चों, अल्पसंख्यकों और विस्थापितों जैसे कमजोर वर्गों के लिए। उन्होंने बताया कि स्थानीय और वैश्विक संस्थाओं के बीच ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ साझा करने से प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और जवाबदेही को और मजबूत किया जा सकता है।
बैठक में भविष्य की योजनाओं पर भी सहमति बनी, जिसके तहत शांति शिक्षा, संघर्ष समाधान और मानवीय सहायता से जुड़े सम्मेलन, जागरूकता अभियान और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंत में दोनों नेताओं ने सरकारों, नागरिक समाज और धार्मिक संगठनों से मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि वैश्विक स्तर पर एक न्यायसंगत और शांतिपूर्ण व्यवस्था का निर्माण किया जा सके।