Noida News : महिला बंदियों व दिव्यांग महिलाओं के बीच पहुंचीं अपर्णा यादव, कासना जिला जेल और ‘अपना घर आश्रम’ में परखीं सुविधाएं।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव गौतमबुद्धनगर में कासना जिला जेल और नोएडा के अपना घर आश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने महिला बंदियों और मानसिक रूप से दिव्यांग महिलाओं से बातचीत कर उनके खान-पान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रहन-सहन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को महिलाओं की गरिमा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
✍️ Yogesh Rana | News Diary Today | Noida News
नोएडा न्यूज़ | उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने गौतमबुद्धनगर (कासना जिला जेल और नोएडा सेक्टर-34 स्थित अपना घर आश्रम) का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। उन्होंने महिला बंदियों और मानसिक रूप से दिव्यांग महिलाओं से सीधे बातचीत कर उनके रहन-सहन व खान-पान की जमीनी हकीकत जानी। बता दें कि दौरे के पहले चरण में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव सबसे पहले कासना स्थित जिला जेल पहुंचीं। उन्होंने जेल परिसर के महिला वार्ड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर्णा यादव ने महिला बंदियों से सीधे मुलाकात की और बेहद आत्मीय माहौल में उनसे बातचीत की।उन्होंने महिला बंदियों के रहन-सहन, स्वास्थ्य सुविधाओं, दैनिक खान-पान की गुणवत्ता और जेल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को गहराई से परखा।बंदियों से संवाद करते हुए उन्होंने उनके विधिक अधिकारों और केस की स्थिति के बारे में भी पूछा। जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को इसे निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
नोएडा के ‘अपना घर आश्रम’ में दिव्यांग महिलाओं से आत्मीय संवाद?
जिला जेल के बाद उपाध्यक्ष का काफिला नोएडा के सेक्टर-34 स्थित ‘अपना घर आश्रम’ (राजकीय विशेषीकृत गृह भवन) पहुंचा। इस आश्रम में रह रहीं निराश्रित और मानसिक रूप से दिव्यांग महिलाओं को देखकर अपर्णा यादव काफी भावुक नजर आईं।उन्होंने आश्रम की महिलाओं के पास बैठकर उनके स्वास्थ्य और रहन-सहन की स्थिति की जानकारी ली।आश्रम की जांच के दौरान भोजन व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पाए गए, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।निरीक्षण के समापन पर अपर्णा यादव ने संबंधित विभाग और जेल प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जेलों और संरक्षण गृहों में रहने वाली महिलाओं की मानवीय गरिमा और स्वास्थ्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के उचित इलाज, कॉउंसलिंग और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया गया।

