यूपी की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड का प्लान तैयार: ऊपर की लेन से गाजियाबाद और नीचे की लेन से ग्रेटर नोएडा पहुंचेंगे वाहन चालक।
उत्तर प्रदेश की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड का प्लान तैयार होने की जानकारी सामने आई है। इस प्रस्तावित सड़क की खासियत यह है कि ऊपर की लेन से वाहन गाजियाबाद और नीचे की लेन से ग्रेटर नोएडा की ओर जा सकेंगे। इससे नोएडा और आसपास के इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
✍️ Yogesh Rana | News Diary Today | Noida News
नोएडा न्यूज़ | उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नया आयाम देने के लिए राज्य की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड (Double Decker Elevated Road) बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच यात्रा करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। बता दें कि उत्तर प्रदेश की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने का प्लान तैयार हो गया है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका अनूठा डिजाइन है, जिसके तहत एक ही पिलर पर दो मंजिला सड़कें तैयार की जाएंगी।
ऊपर से गाजियाबाद, नीचे से ग्रेटर नोएडा
इस एलिवेटेड रोड को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन चालक बिना ट्रैफिक जाम में फंसे अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। ऊपरी डेक (Upper Deck) का इस्तेमाल मुख्य रूप से गाजियाबाद की तरफ सीधे जाने वाले वाहनों के लिए होगा, जबकि निचले डेक (Lower Deck) से वाहन सीधे ग्रेटर नोएडा की ओर जा सकेंगे। इससे लोकल ट्रैफिक और एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग लेन उपलब्ध होंगी, जिससे सफर तेज और सुरक्षित हो सकेगा।
वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद को जोड़ने वाले मार्गों पर व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। इस डबल डेकर रोड के बनने से दिल्ली-एनसीआर के इन प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होगी।
यह उत्तर प्रदेश की अपनी तरह की पहली और बेहद आधुनिक सड़क परियोजना है। एक ही पिलर पर दो स्तरों (Two Levels) की सड़कें बनाकर जमीन की कमी की समस्या को दूर करने का प्रयास किया गया है। यह रोड गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच सीधे संपर्क (Direct Connectivity) को मजबूत करेगी।
प्राधिकरण और प्रशासन जल्द ही इस परियोजना के टेंडर और निर्माण कार्य की समय-सीमा की घोषणा कर सकते हैं। यह हाईवे आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना होगा, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार दे सकता है।

