Noida Cyber Crime : प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों ऐंठने वाला साइबर ठग फरीदाबाद से गिरफ्तार।

✍️ योगेश राणा

दो पासपोर्ट, कई पहचान—इंटरनेशनल साइबर ठग का बड़ा राज खुला

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

Noida: थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों के गिरोह के सरगना सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक को गिरफ्तार किया है। यह अभियुक्त मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपनी फर्जी पहचान बताकर प्रेमजाल में फंसाता था और फिर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ लेता था। बता दें कि पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था जो मैट्रिमोनियल साइट्स पर पार्टनर की तलाश कर रहे होते थे। विश्वास जीतने के बाद, वह उन्हें झांसा देता था कि उसने विदेश से उनके लिए एक कीमती पार्सल भेजा है। इसके बाद वह खुद या अपने साथियों के जरिए एयरपोर्ट पर पार्सल पकड़े जाने का डर दिखाकर ‘कस्टम क्लियरेंस’ या अन्य शुल्कों के नाम पर लाखों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेता था और अभियुक्त के खिलाफ पहले से ही दो बड़े मामले दर्ज हैं जिसमें एक पीड़िता से ₹56,46,000 की ठगी का मामला दर्ज हैं और दूसरी पीड़िता से ₹1,26,00,000 (1.26 करोड़) की ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला दर्ज हैं और जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अभियुक्त के पास से दो अलग-अलग देशों के पासपोर्ट और पहचान पत्र मिले हैं। एक पासपोर्ट अवैध (Invalid) होने के बाद, उसने दूसरे देश जाकर नई पहचान के साथ नया पासपोर्ट बनवाया और दोबारा भारत आकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। इसके अलावा, वह फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगता था।पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से तकनीकी उपकरण जैसे लैपटॉप,टैबलेट,वाई-फाई राउटर, डोंगल और सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग वह अपराध को अंजाम देने के लिए करता था। साथ ही विदेशी मुद्रा (नायरा) और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं और पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की पड़ताल कर रही है ताकि ठगी गई राशि का पता लगाया जा सके।

प्रेमजाल’ बिछाकर की करोड़ों की धोखाधड़ी!

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ठग सैमुअल ओगुन को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है,जो मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। अभियुक्त खुद को विदेश में सेटल बताकर पीड़ितों को प्रेमजाल में फंसाता था और फिर ‘कीमती पार्सल’ भेजने के नाम पर कस्टम क्लीयरेंस के बहाने करोड़ों की ठगी करता था और अभी तक की जांच में दो बड़ी ठगी सामने आई हैं, जिनमें एक पीड़िता से करीब 56 लाख और दूसरी से 1.26 करोड़ रुपये ऐंठे गए। अभियुक्त के पास से दो अलग-अलग देशों के फर्जी पासपोर्ट और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद हुए हैं। वह फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी धोखाधड़ी करता था। हम इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और बैंक खातों की गहनता से जांच कर रहे हैं।”