न्यूज़ डायरी टुडे,नोएडा।
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के वर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी और NMRC के कार्यकारी निदेशक (ED) रहे महेंद्र प्रसाद पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने आधिकारिक कैलेंडर में मेट्रो परियोजनाओं और विकास कार्यों को दर्शाने के बजाय NMRC के शीर्ष अधिकारियों की व्यक्तिगत तस्वीरें प्रकाशित करवाईं।
खास बात यह रही कि जिन अधिकारियों की तस्वीरें कैलेंडर में छापी गईं, वे उन्हीं महीनों के पन्नों पर थीं, जिनमें संबंधित अधिकारियों के जन्मदिन आते हैं। उदाहरण के तौर पर, NMRC के प्रबंध निदेशक (MD) लोकेश एम. की तस्वीर अप्रैल माह के पन्ने पर छपी थी, जो उनका जन्म माह बताया जा रहा है। जबकि नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी या सार्वजनिक उपक्रम के आधिकारिक कैलेंडर में केवल विकास कार्यों, परियोजनाओं और संस्थागत उपलब्धियों को ही दर्शाया जाना चाहिए, न कि अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रचार को।
बिना अनुमति तस्वीरों के प्रकाशन का दावा
इस पूरे मामले में एक और अहम मोड़ तब आया, जब NMRC के MD लोकेश एम. और ED महेंद्र प्रसाद—दोनों ने यह दावा किया कि उनकी व्यक्तिगत तस्वीरों का उपयोग उनकी अनुमति के बिना किया गया था। इस दावे के बाद मामला और गंभीर हो गया।
CEO लोकेश एम. की सख्त कार्रवाई
कैलेंडर विवाद का संज्ञान लेते हुए NMRC के MD और नोएडा प्राधिकरण के CEO लोकेश एम. ने तत्काल कई कड़े कदम उठाए—
- कार्यकारी निदेशक को हटाया गया:
विवाद सामने आने के बाद NMRC के कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ करुणेश कुमार NMRC में कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी संभालेंगे। - कारण बताओ नोटिस जारी:
MD लोकेश एम. ने इस प्रकरण में शामिल संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि नियमों के विरुद्ध यह कैलेंडर कैसे प्रकाशित हुआ। - कैलेंडर की छपाई और वितरण पर रोक:
विवाद बढ़ता देख NMRC प्रबंधन ने 2026 के कैलेंडर की छपाई और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जो कैलेंडर छप चुके थे, उन्हें भी आगे वितरित न करने के निर्देश दिए गए हैं।