नोएडा डीसीपी यमुना प्रसाद को DIG रैंक पर पदोन्नति, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने किया सम्मानित।

:- पुलिस कमिश्नरेट में सम्मान समारोह, नए रैंक के प्रतीक चिन्ह (Pips) लगाए

न्यूज़ डायरी, नोएडा।


नोएडा स्थित गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात पुलिस उपायुक्त (DCP) यमुना प्रसाद को पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रैंक पर पदोन्नत किए जाने पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह (CP) ने स्वयं उन्हें नए रैंक के प्रतीक चिन्ह (Pips) लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।


2012 बैच के IPS अधिकारी, सिद्धार्थनगर के बढ़नी गांव के निवासी।


IPS यमुना प्रसाद 2012 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के बढ़नी गांव के निवासी हैं।
अपने अब तक के सेवा काल में उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी और दृढ़ नेतृत्व का परिचय देते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा में अहम योगदान


यमुना प्रसाद ने अपने कार्यकाल में अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।
कठिन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता के चलते उनकी कार्यशैली की प्रदेश स्तर पर सराहना हुई है। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर उन्हें DIG पद पर पदोन्नति दी गई।


कार्यकाल की प्रमुख और चर्चित उपलब्धियां


माफिया मुख्तार अंसारी पर बड़ी कार्रवाई
बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (SP) रहते हुए यमुना प्रसाद ने माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
उन्होंने फर्जी एंबुलेंस मामले का खुलासा किया, जिसका इस्तेमाल मुख्तार अंसारी पंजाब की जेल में रहते हुए करता था।
इस प्रकरण में मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे उत्तर प्रदेश की जेल में वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया को मजबूत किया।


अपराधियों पर आर्थिक चोट, 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क


मुख्तार अंसारी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए यमुना प्रसाद ने उसके गुर्गों की लगभग 50 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क कराने में अहम भूमिका निभाई।
इससे संगठित अपराध पर आर्थिक रूप से गहरी चोट पड़ी।


संभल में सिपाहियों की हत्या का त्वरित बदला।


संभल में तैनाती के दौरान दो पुलिस सिपाहियों की हत्या के मामले में उन्होंने तेज और निर्णायक कार्रवाई की।
इस केस में डबल एनकाउंटर के जरिए अपराधियों को अंजाम तक पहुंचाकर पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया।


स्मार्ट पुलिसिंग और जनता से बेहतर संवाद


बाराबंकी में उनके नेतृत्व में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा दिया गया।


व्यापारियों और आम नागरिकों के साथ संवाद बेहतर हुआ, जिससे

  • ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार
  • शहर की सुरक्षा मजबूत
  • पुलिस की छवि सकारात्मक होने में मदद मिली।



Dcp यमुना प्रसाद की उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें प्रमुख हैं—

  • डीजी प्रशंसा डिस्क (सिल्वर – 2018)
  • डीजी प्रशंसा डिस्क (गोल्ड – 2023)



DIG पद पर पदोन्नति की खबर मिलते ही परिवारजनों, मित्रों, सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि DIG के रूप में भी यमुना प्रसाद कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।