नोएडा अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाला : शासन की सख्ती, GM समेत 3 अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी।

✍️ योगेश राणा

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

उत्तर प्रदेश: नोएडा के बहुचर्चित यादव सिंह अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में शासन की सख्ती के बाद कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर फाइलें दबाने और आरोपितों को प्रमोशन मिलने की शिकायतों के बीच अब GM आरपी सिंह समेत तीन अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। बता दें कि उत्तर प्रदेश शासन ने नोएडा प्राधिकरण से अंडरग्राउंड केबिल घोटाले की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट मांगी है।विभागीय स्तर पर अब तक हुई देरी पर शासन ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह मामला मुख्य रूप से 954 करोड़ रुपये के उन टेंडरों से जुड़ा है, जो बिना किसी नियम का पालन किए मात्र 8 दिनों के भीतर आवंटित कर दिए गए थे जबकि आरोपी इंजीनियरों में से निजामुद्दीन और प्रमोद का तबादला पहले ही नोएडा से बाहर किया जा चुका है।

CBI चार्जशीट:-

सीबीआई की जांच में महाप्रबंधक(जल/सीवर एवं ईएंडएम) आरपी सिंह, निजामुद्दीन और प्रमोद को दोषी पाया गया है। हालांकि विभागीय स्तर पर इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी, जिसके दौरान इन्होंने पदोन्नति (प्रमोशन) का लाभ भी ले लिया और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष समिति गठित की है जो इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय चार्जशीट तैयार कर शासन को भेजेगी।

गवाह से आरोपी तक का सफर:-

आरपी सिंह ने ही इस मामले में सेक्टर-39 थाने में पहली FIR दर्ज कराई थी और शुरुआत में वे CBI के गवाह बने थे। करीब 250 बार पूछताछ के बाद,साक्ष्यों के आधार पर CBI ने अब उन्हें ही चार्जशीट में आरोपी बना दिया है।