✍️ योगेश राणा
:- लोकनृत्य, जागर और स्वादिष्ट पहाड़ी व्यंजन, नोएडा में 7 दिन उत्तराखंड उत्सव।
न्यूज़ डायरी,नोएडा।
देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का भव्य संगम एक बार फिर नोएडा में देखने को मिलेगा। पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था (रजि.) द्वारा आयोजित 15वां उत्तराखंड महाकौथिग मेला इस वर्ष पहले से भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। यह सात दिवसीय लोक कला एवं हस्तशिल्प मेला 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक सेक्टर-21A स्थित नोएडा स्टेडियम में आयोजित होगा।
मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में आयोजकों ने विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था के मुख्य संयोजक राजेंद्र चौहान ने बताया कि महाकौथिग का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देना, लोक कलाकारों को मंच प्रदान करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। सात दिनों तक दर्शकों को उत्तराखंड के विभिन्न अंचलों की लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
मेले में लोकनृत्य, लोकगीत, जागर, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, उत्तराखंडी परिधान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ देवभूमि की समृद्ध परंपराएं जीवंत होंगी। इस वर्ष दर्शकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए मेले की अवधि पांच दिन से बढ़ाकर सात दिन कर दी गई है।
संस्था के अध्यक्ष हरीश असवाल ने बताया कि इस बार महाकौथिग का मुख्य मंच उत्तराखंड के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर की थीम पर सजाया जाएगा, जहां लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराएं और आधुनिक विकास का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
वहीं संस्था के चेयरमैन आदित्य घिल्डियाल ने जानकारी दी कि मेले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के शामिल होने की भी संभावना है। मेले का शुभारंभ 19 दिसंबर, शुक्रवार को हवन और पूजा के साथ किया जाएगा।
महाकौथिग के मुख्य मंच पर हर दिन उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। इनमें पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण (जागर सम्राट), गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, स्वर कोकिला कल्पना चौहान, विवेक नौटियाल, दीपा नागरकोटि, राकेश खनवाल, किशन महिपाल, रेशमा शाह, कैलाश कुमार, ललित फौजी, अमित सागर, मेघना चंद्रा, सरिता पौडेल, अजय ढौंडियाल, दीवान कनवाल, मंगलेश डंगवाल, हेमा भैसोड़ा और रोहित चौहान शामिल हैं।
खानपान के शौकीनों के लिए भी महाकौथिग खास रहेगा। मेले में 30 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां मंडवे की रोटी, झंगरे की खीर, कंडाली का साग, अरसा, चैसोणी, बाल मिठाई समेत उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को आकर्षित करेगा।
प्रेसवार्ता में संस्था की संस्थापिका कल्पना चौहान, संयोजिका इंदिरा चौधरी, जगत रावत, शीला पंत, मीडिया प्रभारी रजनी जोशी, सत्येंद्र नेगी, नीरज रावत सहित संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। आयोजकों ने नोएडा वासियों से अपील की कि वे इस सांस्कृतिक महोत्सव में शामिल होकर देवभूमि उत्तराखंड की लोक विरासत का अनुभव करें।