✍️ योगेश राणा।
:- नोएडा पुलिस का बड़ा खुलासा, दोपहिया चोरी का अंतरराज्यीय रैकेट पकड़ा
नोएडा पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह की खास बात यह थी कि इसमें दो जुड़वा भाई शामिल थे, जो पुलिस से बचने के लिए हमशक्ल होने का फायदा उठाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब उर्फ रुतबा, अरमान उर्फ सुट्टा, उलमान और विजय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय था और चोरी की गई बाइक व स्कूटी को काटकर या अवैध रूप से बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जुड़वा भाई वारदात के दिन एक जैसे कपड़े पहनते थे। इनमें से एक भाई चोरी की घटना को अंजाम देता था, जबकि दूसरा किसी दुकान या सार्वजनिक स्थान पर मौजूद रहता था। यदि पुलिस या स्थानीय लोग शक करते, तो दूसरा भाई खुद को मौके से दूर बताकर ‘अलिबी’ पेश कर देता था। इस अनोखे और शातिर तरीके से यह गिरोह लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचता रहा।
डीपीसी यमुना प्रसाद ने क्या कुछ बताया इस गिरोह के बारे में।
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड शादाब उर्फ रुतबा है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर कॉलोनियों, सोसाइटियों और कंपनियों के बाहर खड़े दोपहिया वाहनों की पहले रेकी करता था। मौका मिलते ही आरोपी बाइक और स्कूटी का लॉक तोड़कर कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। चोरी की गई गाड़ियों को आरोपी उलमान नामक कबाड़ी को बेच दिया जाता था, जो आगे उन्हें पुर्जों में काटकर या अवैध रूप से बाजार में खपाता था।
डीसीपी ने बताया कि उलमान ने आईटीआई प्रोफेशनल कोर्स किया हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वह कबाड़ी का काम कर रहा था और चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई चोरी के दोपहिया वाहन, उनके पुर्जे और चोरी में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद किया है।