✍️ योगेश राणा
न्यूज़ डायरी, नोएडा
जिन हाथों में पेन, कापियां और किताब होनी चाहिए थी। उन हाथों का इस्तेमाल अपराध कराने में किया जा रहा था। नोएडा पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग का खुलासा किया है। जहां अपराधी अपराध कराने के लिए और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए नाबालिक बच्चों का इस्तेमाल कर रहे थे। बदलें में बच्चों को मिल रहें थे कुछ रूपए के सिक्के। बता दें कि कुछ दिनों पूर्व चोटपूर कॉलोनी निवासी
नोएडा की सेक्टर 63 में स्थित एक कम्पनी से काम कर के घर वापस जा रहें थे तभी वह सब्जी खरीदने के लिए मार्केट में रूके लेकिन कुछ नाबालिग ने भीड़ का फायदा उठाते हुए उनकी जेबों पर हाथ सफाया कर दिया और इस पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
घटना के खुलासे के लिए अलग उलगाई गई थी पुलिस की टीम!
घटना के खुलासे के लिए एक अलग से पुलिस टीम का गठन किया गया। थाना सेक्टर-63 पुलिस टीम ने काफी गहनता से छानबीन की और खुलासे के लिए पुलिस ने अपने खाश मुखबिर को भी लगा दिया था और गोपनीय सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जे-ब्लॉक, सेक्टर-63, नोएडा की ग्रीन बेल्ट से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही, चार बाल अपचारियों को भी अभिरक्षा में लिया गया और साथ ही 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले पैदल यात्रियों को बनाते थे निशाना – एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा
एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार-III ने बताया कि यह गिरोह कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले पैदल यात्रियों की जेब से भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल फोन चुरावते था और इस काम के लिए नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर वर्करों के कमरों, पीजी या घरों से भी मोबाइल फोन चोरी करवाते थे। चोरी किए गए मोबाइलों को बेचकर नाबालिगों को कुछ पैसे दिए जाते थे फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेजा दिया गया है