✍️ योगेश राणा
:- किसानों को मुआवजा बांटने में हुई गड़बड़ी की जांच का होगा विस्तार , सुप्रीम कोर्ट ने कहा किसानों को डरने की जरूरत नहीं.
न्यूज़ डायरी,नोएडा।
जमीन अधिग्रहण में नियमों के विपरित अतिरिक्त मुआवजा बांटने के मामले में बुधवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने जांच कर रही एसआईटी को सख्त निर्देश दिया है कि सम्पूर्ण मामले की जांच दो माह के अन्दर हर हाल में पूरी करें और इससे अतरिक्त समय नहीं दिया जा सकता है।
वहीं दूसरी तरफ अदालत में एसआईटी टीम के कार्यों की की सराहना भी की और कहा कि नोएडा प्राधिकरण में पिछले 10 से 15 वर्ष के बीच में सीईओ,एसीओ,ओएसडी सहित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करें।
नोएडा प्राधिकरण की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखा पक्ष।
नोएडा प्राधिकरण की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि वह मामले में प्राधिकरण का रुख बताने के लिए हलफनामा दाखिल करना चाहते हैं और वहीं न्यायिक पीठ को बताया गया कि एसआईटी ने जांच को लेकर स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसे शीघ्र पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी लेकिन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि एसआईटी ने जांच पूरी करने के लिए 3 माह अतरिक्त समय मांगा है, लेकिन हम सिर्फ 2 माह का वक्त दे रहे हैं क्योंकि पहले ही काफी समय दिया जा चुका है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा किसानों का नहीं होने दिया जाएगा शोषण।
शीर्ष अदालत ने कहा कि किसानों को सजा नहीं दी जाएगी इसके साथ ही न्यायिक पीठ ने साफ कहा कि जिन किसानों को अधिक भुगतान किया गया, उन्हें सजा नहीं दी जाएगी और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जांच के दौरान किसानों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। इससे पहले किसानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने पीठ को बताया कि किसानों को एसआईटी से अपना बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस मिल रहे हैं। उन्होंने पीठ से कहा कि कृपया किसानों की रक्षा करें क्योंकि यह उनकी गलती नहीं है और जांच सिर्फ अधिक मुआवजा देने वालों की होगी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि हमने अपने पहले के आदेशों में ही साफ कर दिया कि जांच किसानों को परेशान करने के लिए नहीं है, बल्कि उन अधिकारियों की मिलीभगत की जांच करने के लिए है जिन्होंने अधिक भुगतान किए हैं अगर भुगतान गलती से हुआ तो किसान सुरक्षा के हकदार मुख्य न्यायाधीश ने भरोसा दिलाया कि किसान को सुरक्षा दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि हम जानना चाहेंगे कि यदि भुगतान गलती से हुआ है, तो आप कानून के हिसाब से सुरक्षा के हकदार हैं। उन्होंने साफ किया कि एसआईटी को सब कुछ जांचने और हमें रिपोर्ट देने की पूरी छूट होगी और हमें उम्मीद है कि एसआईटी चल रही जांच को सही अंजाम तक ले जा पाएगी।