✍️ योगेश राणा
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida/prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज, 20 मार्च 2026, सुबह 10 बजे नोएडा के बहुचर्चित युवराज मेहता मौत मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित है। बता दें कि यह जनहित याचिका नोएडा के सेक्टर 150 में एक खुले, गहरे और पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई मौत के बाद हिमांशु जायसवाल द्वारा दायर की गई है और पिछली सुनवाई के दौरान, जस्टिस एम.सी. त्रिपाठी और जस्टिस कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने नोएडा प्राधिकरण द्वारा दाखिल जवाबी हलफनामे (Counter Affidavit) पर कड़ी नाराजगी जताई थी और अदालत ने पाया कि प्राधिकरण का जवाब उन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मौन है कि घटना के समय वहां कौन सा अधिकारी पहुंचा था और क्या नोएडा में आपात स्थितियों से निपटने के लिए कोई ‘नोडल अधिकारी’ नियुक्त है और पिछली तारीख पर अदालत ने नोएडा प्राधिकरण को आज की तारीख तक विस्तृत विवरण के साथ नया हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया था।
आज की सुनवाई के मुख्य बिंदु!
कोर्ट ने NDRF और SDRF से पूछा है कि बचाव कार्य शुरू करने में इतना समय क्यों लगा, जबकि पीड़ित ने डूबने से पहले मदद के लिए फोन भी किया था और याचिकाकर्ता ने पूरे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सभी खुले निर्माण स्थलों, गड्ढों और जलभराव वाले क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) कराने की मांग की है और याचिका में दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और शहरी आपात स्थितियों के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।