न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा
नोएडा में स्पार्क मिंडा फाउंडेशन ने दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 18 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित 8 दिवसीय मेगा कैंप के जरिए 6000 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक डिवाइस, वॉकर, बैसाखी, हियरिंग और विजुअल एड जैसे जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही UDID रजिस्ट्रेशन, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मुहैया कराए गए, जिससे जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सके।
फाउंडेशन की ‘सक्षम’ पहल, जो 2015 में शुरू हुई थी, अब तक देशभर में 38 हजार से ज्यादा दिव्यांगजनों को सशक्त बना चुकी है। इस पहल के तहत स्पार्क मिंडा ग्रुप में 1300 से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार भी मिला है। बीते वर्षों में यह अभियान भारत के कई राज्यों के साथ-साथ इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों तक पहुंच चुका है। फाउंडेशन का लक्ष्य है कि 2030 तक 50 हजार से अधिक दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जाए।
फाउंडेशन की चेयरपर्सन सारिका मिंडा ने कहा कि सामूहिक प्रयास और संवेदनशील सोच से ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि संस्था आगे भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ ने कहा कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति के सपनों को सीमित नहीं कर सकतीं, जरूरत है सही अवसर और समर्थन की।
इस पहल को सफल बनाने के लिए फाउंडेशन ने जयपुर फुट, स्किल काउंसिल फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज, ALIMCO और अन्य संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से इस अभियान को और मजबूती मिली है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
गौरतलब है कि स्पार्क मिंडा को वर्ष 2024 में दिव्यांगजनों के लिए बेहतरीन रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वहीं, मिंडा कॉर्पोरेशन देश की अग्रणी ऑटोमोटिव कंपनियों में शामिल है, जो नई तकनीक और रिसर्च के जरिए ऑटो सेक्टर में मजबूत पहचान बनाए हुए है।