ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी का यूपी में विस्तार, शालिनी सिंह बनीं राज्य चेयरपर्सन।

ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी का ऐलान, यूपी की हर बच्ची तक पहुँचेगी स्वच्छता की जानकारी

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी संस्था ने उत्तर प्रदेश में अपने कार्यों के विस्तार की औपचारिक घोषणा करते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वच्छता और विशेष रूप से मासिक धर्म स्वच्छता के क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों से सक्रिय इस संस्था ने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र की जानी-मानी कार्यकर्ता शालिनी सिंह को उत्तर प्रदेश की राज्य चेयरपर्सन नियुक्त किया है। इस निर्णय के साथ ही प्रदेशभर में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान से जुड़े अभियानों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी देश के विभिन्न हिस्सों में वॉश (WASH – वाटर, सैनिटेशन एंड हाइजीन) प्रोजेक्ट के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य कर रही है। संस्था के अनुसार, अब तक 7 राज्यों में 50 लाख से अधिक महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी जागरूकता, प्रशिक्षण और स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और शिक्षित बनाना भी है।

उत्तर प्रदेश में विस्तार के तहत संस्था ने यह स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम, सेनेटरी पैड वितरण, कपड़ा पैड निर्माण का प्रशिक्षण, स्कूल एवं सामुदायिक स्तर पर संवाद सत्र और स्वास्थ्य जांच अभियानों को और अधिक व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का मुख्य फोकस ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की किशोरियों तक सही जानकारी और संसाधन पहुँचाना होगा।

राज्य चेयरपर्सन के रूप में नियुक्त होने के बाद शालिनी सिंह ने कहा कि मासिक धर्म आज भी समाज में झिझक और गलत धारणाओं से जुड़ा विषय बना हुआ है, जिसका सीधा असर लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि संसाधनों और जागरूकता के अभाव में आज भी बड़ी संख्या में किशोरियाँ मासिक धर्म के दौरान स्कूल जाना छोड़ देती हैं और कई बार स्थायी रूप से पढ़ाई से दूर हो जाती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित कर देती है।

उन्होंने आगे कहा कि संस्था का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी बच्ची केवल मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के कारण शिक्षा से वंचित न हो। इसी कारण उत्तर प्रदेश में स्कूलों को इस अभियान में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। स्कूल स्तर पर सही जानकारी, स्वच्छता सुविधाएँ और संवेदनशील वातावरण उपलब्ध कराकर न केवल बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया जा सकता है।

शालिनी सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि मासिक धर्म स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, आत्मसम्मान और समान अवसरों से जुड़ा एक मौलिक अधिकार है। यदि समाज और संस्थाएँ मिलकर इस दिशा में ठोस और सतत प्रयास करें, तो लाखों लड़कियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी के माध्यम से उत्तर प्रदेश में इस विषय पर एक मजबूत और स्थायी आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी का यह विस्तार न केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है, बल्कि यह प्रदेश की किशोरियों और महिलाओं के लिए शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में भी नई उम्मीद लेकर आया है।