“कौन लेगा जिम्मेदारी?”—नोएडा सिटीजन फोरम का प्राधिकरण पर बड़ा हमला।

✍️ योगेश राणा

न्यूज़ डायरी, नोएडा।

शहर की बिगड़ती व्यवस्था को लेकर नौएडा सिटीजन फोरम ने बुधवार को प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों पर सीधा निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। नोएडा मीडिया क्लब में हुई इस प्रेसवार्ता की अगुवाई फोरम के चेयरमैन, पूर्व आईएएस डॉ. योगेन्द्र नारायण ने की।
फोरम ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण में लोकपाल की नियुक्ति अब अनिवार्य हो चुकी है, क्योंकि पारदर्शिता और जवाबदेही के बिना शहर की समस्याएँ केवल बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईटी गठन और नागरिक सलाहकार बोर्ड बनाने के आदेश के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जो सीधे-सीधे प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

रजिस्ट्री संकट से त्रस्त हजारों परिवार

डॉ. नारायण ने रजिस्ट्री न खुलने की समस्या को “गंभीर प्रशासनिक विफलता” बताया। उन्होंने कहा कि हजारों परिवार पूरा भुगतान कर चुके हैं, फिर भी उन्हें रजिस्ट्री नहीं मिल रही।
फोरम ने बिल्डरों पर मनमाने ट्रांसफर चार्ज, अन-रजिस्टर्ड फ्लैटों की धड़ल्ले से बिक्री और प्राधिकरण द्वारा नोटिसों की अनदेखी के आरोप लगाए। फोरम ने मांग की कि पूर्ण भुगतान वाले सभी फ्लैटों की रजिस्ट्री बिना देरी तुरंत खोली जाए।

अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी और डंपिंग साइटों पर आग– बड़ा खतरा

फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी ने कहा कि

गैर-निर्धारित डंपिंग साइटों पर आग लगने की घटनाएँ

शहर भर में अवैध निर्माण

हाई-राइज़ इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरणों की भारी कमी
नौएडा वासियों के जीवन को सीधे खतरे में डाल रही हैं।

उन्होंने कहा कि शहर का कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, लगातार बिजली कटौती, जगह-जगह टूटे केबल, जल संकट, पुरानी सीवर लाइनें, बढ़ती भिक्षावृत्ति और ई-रिक्शा अव्यवस्था — सभी मिलकर नौएडा को एक गंभीर शहरी संकट की ओर धकेल रही हैं।

शिकायत निवारण पोर्टल और सिटीजन चार्टर की मांग

फोरम की संरक्षक शालिनी सिंह ने कहा कि नागरिकों को सुशासन देने के लिए एक मजबूत शिकायत निवारण पोर्टल, अप-टू-डेट सिटीजन चार्टर, और प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में सिविल सोसाइटी की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि फोरम नागरिक अधिकारों और बेहतर शहरी प्रबंधन के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा।

मुख्य रूप से उपस्थित रहे

इस अवसर पर फोरम के अध्यक्ष डॉ. एम. के. अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष इंद्राणी मुखर्जी, सचिव गरिमा त्रिपाठी, राहुल मुंद्रा, अंकित अरोरा, कमल सिंह, राजश्री गुप्ता और रेणु बाला शर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।