:- स्कूल–मंदिर के पास शराब दुकानें? 100 मीटर नियम में ढील पर सुप्रीम कोर्ट नाराज़!
न्यूज़ डायरी टुडे, दिल्ली
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शराब की दुकानों और स्कूलों/धार्मिक स्थलों के बीच की न्यूनतम दूरी कम करने के फैसले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने इसे पहली नज़र में न्यायिक आदेश का उल्लंघन (Legislative Overreach) माना है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के ‘स्टेट ऑफ यूपी बनाम मनोज कुमार द्विवेदी’ मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले की पुष्टि की थी, जिसमें शराब की दुकानों और संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों (जैसे स्कूल, अस्पताल, मंदिर) के बीच 100 मीटर (लगभग 300 फीट) की न्यूनतम दूरी तय की गई थी और यूपी सरकार ने बाद में उत्तर प्रदेश आबकारी(दुकानों का स्थान) नियमावली के नियम 5(4) में संशोधन कर दिया और इस संशोधन के तहत दूरी को कम करके नगर निगम क्षेत्रों में 50 मीटर कर दिया गया और नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में 75 मीटर कर दिया गया जो विधि अनुसार गलत है।
कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के बाध्यकारी फैसले के आधार को हटाए बिना ही नियमों को हल्का (Dilute) कर दिया है, जो कानूनन गलत है और कोर्ट ने याद दिलाया कि “करीब” (Close proximity) शब्द की अस्पष्टता को खत्म करने के लिए ही 100 मीटर की ठोस दूरी तय की गई थी, जिसे राज्य ने अपनी सुविधा अनुसार बदल दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों में मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।इस मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को तय की गई है और यह मामला ‘स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश बनाम बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज व अन्य’ से संबंधित है, जहाँ कोर्ट यह तय करेगा कि क्या राज्य सरकार का यह संशोधन कानूनी रूप से वैध है या इसे रद्द किया जाना चाहिए।