:- नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था होगी ओर मजबूत, CP लक्ष्मी सिंह ने दिखाई 13 नई स्कॉर्पियो PRV को हरी झंडी।
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida : कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने और आपातकालीन स्थिति में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) को न्यूनतम करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एक बड़ी पहल की है। नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए कमिश्नरेट के बेड़े में 13 नए स्कॉर्पियो पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) शामिल किए गए हैं। बता दें कि भौगोलिक विस्तार और संवेदनशीलता को देखते हुए इन आधुनिक वाहनों का आवंटन किया गया जिनमें थाना दनकौर व थाना जेवर को 02-02 वाहन दिये गए हैं और थाना सेक्टर-113, बिसरख, बादलपुर, सूरजपुर, नॉलेज पार्क, दादरी, कासना, रबूपुरा एवं बीटा-2 सहित सभी को 01-01 वाहन दिया गया है और यह सभी 13 नए वाहन अत्याधुनिक सुरक्षा और संचार उपकरणों से सुसज्जित हैं। इनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सतत पेट्रोलिंग करना और संकट के समय सूचना मिलते ही मौके पर जल्द से जल्द पहुँचना है और इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रिहायशी व ग्रामीण इलाकों में पुलिस की पहुँच और अधिक तीव्र व प्रभावी हो जाएगी।
सुरक्षा का नया कवच: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 13 नई स्कॉर्पियो PRV तैनात, कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने दी हरी झंडी।
गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने 13 नए स्कॉर्पियो पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) के आवंटन के अवसर पर कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश और बयान जारी किए हैं और उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित (Quick) और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है और कमिश्नर ने निर्देशित किया कि आपातकालीन स्थितियों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) और कम किया जाए, ताकि संकट के समय पुलिस कम से कम समय में घटना स्थल पर पहुँच सके और उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन पीआरवी वाहनों का प्रभावी उपयोग करते हुए क्षेत्रों में सतत पेट्रोलिंग (Continuous Patrolling) और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और कमिश्नर का मानना है कि सड़कों पर पुलिस की सक्रियता और आधुनिक वाहनों की मौजूदगी से आम जनता में सुरक्षा का भाव (Sense of Security) और अधिक सुदृढ़ होगा और वाहनों का आवंटन थानों के भौगोलिक विस्तार और वहाँ की कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि हर क्षेत्र में पुलिस की पहुँच समान रूप से मजबूत हो सके।