न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने मंगलवार को शहर की नागरिक सुविधाओं का रियलिटी चेक किया। सफाई व्यवस्था, सड़कों की हालत और नालों की स्थिति का जायजा लेने निकले सीईओ ने लापरवाही बरतने वालों पर कड़ा चाबुक चलाया है। निरीक्षण के दौरान मिली गंभीर कमियों के बाद आधा दर्जन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया और एक बड़ी सफाई एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि निरीक्षण के दौरान सेक्टर-8: ई-9 के पास मलबे का ढेर मिलने पर सफाई कर्मी राहुल और सोनी के साथ हेल्थ सुपरवाइजर श्रीप्रकाश मिश्रा की सेवा तत्काल समाप्त कर दी गई। वहीं, अवर अभियंता (JE) हरेन्द्र मलिक का 10 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं और से CTOR-57 सी-60-63 के पास भारी मलबा मिलने पर
सुपरवाइजर आजाद को बर्खास्त कर दिया गया।
नालों की बदहाली और ब्लैकलिस्टिंग!
सेक्टर-63 में नाले में कूड़ा जमा होने से पैदा हुए जाम पर सीईओ ने सख्त रुख अपनाया। सफाईकर्मी धर्मवीर और सुपरवाइजर आकाश की सेवा समाप्त कर दी गई। संबंधित प्रबंधक को चेतावनी दी गई है और ठेकेदार (संविदाकार) को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है और शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी एम/एस ए.जी. एन्वायरो इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. के काम में खामियां पाए जाने पर सीईओ ने 5 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने का आदेश दिया और इस दौरान सीईओ के साथ इस दौरे पर महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।