✍️ योगेश राणा
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा। प्राधिकरण के दावों के विपरीत सेक्टर-127 स्थित ग्राम बख्तावरपुर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। गांव की गलियों में फैली गंदगी और बजबजाती नालियों ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी महीनों तक गांव में कदम नहीं रखते, जिससे पूरा क्षेत्र बीमारियों के मुहाने पर खड़ा है। बता दें कि ग्रामीणों ने सफाई कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारी केवल गांव के बाहरी मुख्य रास्तों पर औपचारिक रूप से झाड़ू लगाते हैं। वहां की तस्वीरें खींचकर अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दी जाती हैं ताकि यह साबित किया जा सके कि पूरे गांव में सफाई हो गई है। हकीकत इसके उलट है; गांव के अंदरूनी रास्तों पर महीनों से झाड़ू तक नहीं लगी है और नालियां कचरे से पटी होने के कारण पानी की निकासी ठप है। जमा पानी और गंदगी से उठती सड़ांध के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को डर है कि इस लापरवाही की वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं
प्राधिकरण की चुप्पी पर सवाल!
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेने की जहमत नहीं उठाते। ग्रामीणों ने मांग की है कि लापरवाह सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गांव में नियमित सफाई और नालियों की सिल्ट सफाई सुनिश्चित हो और अधिकारी स्वयं मौके पर आकर निरीक्षण करें ताकि कागजी दावों की पोल खुल सके।