Big Breaking : नोएडा सेक्टर-150 हादसे पर NGT सख्त, युवराज मेहता हादसे का स्वतः संज्ञान।

नोएडा प्राधिकरण समेत 4 विभागों को नोटिस, युवराज मेहता केस

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ.ए.सेंटिल वेल की प्रधान पीठ ने 22 जनवरी 2026 को इस दुखद घटना का स्वतः संज्ञान लिया। तमाम समाचार पत्रों में प्रकाशित उस रिपोर्ट पर आधारित है। इस रिपोर्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की नोएडा के सेक्टर 150 में जलभराव वाली एक गहरी खाई (ट्रेंच) में डूबने से मृत्यु का विवरण दिया गया है। न्यायाधिकरण ने टिप्पणी की कि यह घटना अधिकारियों की ओर से उपचारात्मक कदम उठाने में विफलता और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन का संकेत देती है और NGT ने नोएडा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,जिला मजिस्ट्रेट (गौतम बुद्ध नगर) और सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और इससे आने वाले दिनों में अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है।

योजना के कार्यान्वयन में देरी!

जांच में सामने आया कि सिंचाई विभाग द्वारा 2015 में प्रस्तावित स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट योजना, जिसमें हिंडन नदी में पानी मोड़ने के लिए ‘हेड रेगुलेटर’ की स्थापना शामिल थी, फाइलों में ही दबी रह गई। नोएडा प्राधिकरण ने 2016 में इसके सर्वे के लिए धनराशि (₹13.05 लाख) भी जारी की थी, लेकिन आपसी समन्वय की कमी और डिजाइन में बदलावों के कारण इसे लागू नहीं किया गया और पिछले एक दशक से जल निकासी न होने के कारण यह क्षेत्र एक स्थायी तालाब बन गया था, जहाँ बारिश के पानी के साथ आसपास की सोसायटियों का अनुपचारित अपशिष्ट जल भी जमा हो रहा था। इसके परिणामस्वरूप 2023 के मानसून के दौरान भी पास की आवासीय सोसायटियों के बेसमेंट में गंभीर जलभराव हुआ था।