न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida: नोएडा प्राधिकरण ने शहर की सफाई व्यवस्था को बाधित करने और सफाई कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाने के आरोप में छह यूनियन नेताओं के खिलाफ फेज
-1 थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। प्राधिकरण का आरोप है कि ये नेता कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं और जिससे प्राधिकरण का “स्वच्छता मिशन” प्रभावित हो रहा है। बता दें कि प्राधिकरण के अवर अभियंता हरेंद्र सिंह मलिक द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में सतबीर मकवाना एवं साधु मकवाना, बबलू पारचा, रवि पारचा, राधे पारचा और सुनील टोंक को नामजद किया गया है। इन सभी नेताओं पर सफाई कर्मचारियों की भीड़ के साथ अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने का आरोप है और इन पर कर्मचारियों को काम बंद करने और धरना देने और बार-बार हड़ताल की चेतावनी देकर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
सफाई कर्मचारियों के नेताओं पर नोएडा पुलिस कसेगी शिकंजा!
नोएडा प्राधिकरण ( Noida Authority) द्वारा सफाई कर्मचारी नेताओं पर एफआईआर दर्ज कराने के बाद,नोएडा पुलिस सक्रिय हों गई है। पुलिस इस मामले में अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच और धरपकड़ की तैयारी कर रही है।
पुलिस उन व्हाट्सएप वॉयस नोट्स और संदेशों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर कर्मचारियों को भड़काया गया था। नोएडा पुलिस इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और उन सफाई कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी जिन्हें काम करने से रोका गया था और नामजद छह नेताओं सतबीर मकवाना, साधु मकवाना, बबलू पारचा, रवि पारचा, राधे पारचा और सुनील टोंक को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। संतोषजनक जवाब न मिलने या साक्ष्य पुख्ता होने पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है और सेक्टर-8,10,11,12 और 63 जैसे संवेदनशील सर्किल क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है ताकि फिर से सरकारी कार्य में बाधा न डाली जा सके और पुलिस इन नेताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और शांति भंग करने की धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है और शासन के सख्त निर्देशों के बाद, पुलिस प्रशासन किसी भी तरह के दबाव में नहीं है और प्राधिकरण के सीईओ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि स्वच्छता मिशन में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।