न्यूज़ डायरी,नोएडा
इंदौर में जल प्रदूषण के कारण हुई मौतों की दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जल प्रदूषण से जुड़ी संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी जल गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल स्रोतों, एसटीपी और औद्योगिक इकाइयों की सख्त निगरानी के निर्देश
सीईओ डॉ लोकेश एम ने स्वास्थ्य विभाग और जल विभाग को निर्देशित किया कि सभी जल स्रोतों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट की नियमित और कड़ाई से निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि एसटीपी के संचालन, ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता और औद्योगिक इकाइयों के डिस्चार्ज मानकों की लगातार जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदूषित पानी किसी भी स्थिति में पेयजल या जल स्रोतों में न मिल सके।
हाई पावर तकनीकी कमेटी का गठन।
बैठक में नोएडा में जल प्रदूषण की रोकथाम और जल गुणवत्ता की निरंतर जांच के लिए एक ‘हाई पावर तकनीकी कमेटी’ के गठन का निर्णय लिया गया। यह कमेटी शहर की पेयजल व्यवस्था, जल स्रोतों और जल शुद्धिकरण प्रणालियों की नियमित समीक्षा करेगी। साथ ही किसी भी संभावित खतरे की समय रहते पहचान कर उसके समाधान के लिए ठोस सिफारिशें देगी।